डेस्कः जेडीयू सांसद और राज्यसभा में उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह एक बार फिर से राज्यसभा के लिए नामित हुए है। नीतीश कुमार के करीबी हरिवंश जेडीयू सांसद होने के साथ साथ बीजेपी आलाकमान के भी नजदीकी रहे है। वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के गुडबुक में रहे है इसलिए एक बार फिर से वो राज्यसभा के सांसद बनने जा रहे है। बिहार से खाली हुई राज्यसभा की पांच सीटों में एक उनका भी था, लेकिन जेडीयू से इस बार नीतीश कुमार सांसद बने। नीतीश के लिए कुर्बानी देने का ईनाम उन्हें मिला और केद्र सरकार ने उन्हें राज्यसभा में भेजने का निर्णय लिया। राष्ट्रपति ने उन्हें राज्यसभा के लिए नामित किया है। गृह मंत्रालय के गजट में इसका एलान किया गया है। गृह मंत्रालय के गजट के अनुसार एक सदस्य की सेवानिवृत्ति के बाद खाली हुई सीट पर राष्ट्रपति ने उन्हें मनोनीत किया है। उनका कार्यकाल 9 अप्रैल को ही समाप्त हुआ है।

नीतीश कुमार आज राज्यसभा की शपथ लेंगे, 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद से देंगे इस्तीफा
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के काफी करीबी रहे हरिवंश 2014 में पहली बार राज्यसभा सदस्य के रूप में चुने गए थे। इसके बाद वे लगातार इस पद पर रहे। वे 9 अगस्त 2018 को राज्यसभा के उपसभापति बनाए गए। इसके बाद फिर 14 सितंबर 2020 को राज्यसभा के उपसभापति निर्वाचित हुए थे। उनका अगला कार्यकाल 2032 तक रहेगा।

राज्यसभा चुनाव रहा काफी चर्चित
इस बार बिहार की सियासत के लिए राज्यसभा चुनाव काफी चर्चित रहा। दो दशक से बिहार संभाल रहे नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने का एलान कर सबको चौंका दिया था। नीतीश के अलावा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, रालोमो अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा, केंद्रीय राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर और भाजपा के शिवेश कुमार राज्यसभा सदस्य चुने गए हैं।


