राज्यसभा चुनाव में JMM को विधायकों की खरीद-फरोख्त की आशंका, चुनाव आयोग से की शिकायत

राज्यसभा चुनाव में JMM को विधायकों की खरीद-फरोख्त की आशंका, चुनाव आयोग से की शिकायत

रांची: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने राज्यसभा चुनाव में भाजपा द्वारा खरीद-फरोख्त किए जाने तथा विधायकों के भयादोहन करने की आशंका जताई है।पार्टी के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने इसे लेकर भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पत्र भेजकर यह आशंका प्रकट की है।इसका आधार उन्होंने आवश्यक संख्या बल नहीं होते हुए भी नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी तथा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू द्वारा सार्वजनिक रूप से पार्टी द्वारा राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार देने की घोषणा को बताया है।उन्होंने इसे लेकर केंद्रीय एवं राज्य की एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है। झामुमो महासचिव ने अपने पत्र में कहा है कि वर्तमान में राज्यसभा चुनाव में किसी उम्मीदवार को प्रथम वरीयता के 28 मत चाहिए।इस तरह, दोनों सीट के लिए कुल 28 विधायकों का मत चाहिए, जो सत्तारूढ़ गठबंधन के पास उपलब्ध है। यह भी बताया है कि विधानसभा में सत्तारूढ़ गठबंधन में से झामुमो के 34, कांग्रेस के 16, राजद के चार तथा भाकपा माले के दो विधायक हैं।

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दूसरी तरफ, मुख्य विपक्षी दल भाजपा के पास महज 21 विधायक हैं। उनके अनुसार, इसके बाद भी भाजपा के दोनों नेताओं द्वारा चुनाव में उम्मीदवार देने की घोषणा करना यह इशारा करता है।उनके द्वारा चुनाव में विधायकों को आर्थिक प्रलोभन, अनैतिक वाह्य दबाव उत्पन्न कर तथा भयादोहन कर अपने पक्ष में मतदान करने के लिए मजबूर किया जा सकता है।इसलिए निर्वाचन आयोग राज्यसभा चुनाव भ्रष्टाचार एवं भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए केंद्रीय एजेंसियों को निर्देश दे और नजर रखे।आयोग सीबीआई, ईडी, राजस्व खुफिया निदेशालय, केंद्रीय सतर्कता आयोग तथा राज्य सरकार के अधीन भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, झारखंड को आवश्यक सतर्कता बरतने के निर्देश दे। उन्होंने इसकी प्रति राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को भी भेजी है।

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