चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी क्षेत्र अंतर्गत कांडेनाला में एक बार फिर अवैध लौह अयस्क खनन का बड़ा मामला सामने आया है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, क्षेत्र में डोको के जरिए चोरी-छिपे आयरन ओर की खुदाई और उठाव लगातार जारी है।इस अवैध कारोबार के पीछे सन्नी सिंह को मास्टरमाइंड बताया जा रहा है, जो पूरे नेटवर्क को संचालित करने में अहम भूमिका निभा रहा है। हालांकि, आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है, लेकिन क्षेत्र में इस नाम की चर्चा जोरों पर है।बताया जा रहा है कि यह पूरा खेल छोटे स्तर से शुरू होकर अब संगठित नेटवर्क का रूप ले चुका है। पहले मजदूरों के जरिए डोको में खनिज निकाला जाता है, फिर उसे स्थानीय स्तर पर जमा कर गुप्त रास्तों से बाहर भेज दिया जाता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि खनन गतिविधियां लंबे समय से जारी हैं, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। इससे न केवल पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि सरकार को भारी राजस्व क्षति भी हो रही है।सूत्रों के मुताबिक, प्रतिदिन करीब 10 हजार टन से अधिक लौह अयस्क की अवैध निकासी और ढुलाई की जा रही है। यह आंकड़ा इस पूरे अवैध कारोबार के बड़े पैमाने और गहराई को दर्शाता है।वर्तमान समय में भी क्षेत्र में लौह अयस्क का अवैध खनन और कारोबार बे रोक-टोक जारी है, जिससे साफ है कि खनन माफिया प्रशासनिक कार्रवाई से बेखौफ होकर सक्रिय हैं।
जानिये कौन है सन्नी सिंह
रांची का रहने वाला सन्नी सिंह हाल के दिनों में कथित चर्चित नाम है जिसने पिछले एक साल के अंदर रांची के बाहर अपने अवैध कारोबार को फैला लिया है। अवैध लोह अयस्क माइनिंग का मास्टरमाइंड कहे जाने वाले सन्नी सिंह पर पुलिस और प्रशासन ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। सूत्र बताते है कि सन्नी सिंह पश्चिमी सिंहभूम के अलावा रामगढ़, लातेहार, धनबाद ,चतरा में भी अवैध माइनिंग का सिरमौर बन बैठा है। यहां तक की अब उसने अवैध बालू तस्करी में भी अपने हाथ डाल दिये है। सबसे बड़ा सवाल ये उठता है कि सन्नी सिंह को इतनी शक्ति कहां से मिल रही है, या फिर सन्नी सिंह के नाम से कोई और इस अवैध कारोबार में अपने पैर पसार रहा है ये एक रहस्य बना हुआ है। सन्नी सिंह का दायरा धीरे-धीरे इतना बढ़ता जा रहा है कि अब सत्तारूढ़ पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता को उसपर कार्रवाई करने के लिए पुलिस-प्रशासन पर दबाव बनाना पड़ रहा है। सन्नी सिंह को किन-किन सफेदपोश और वर्दीधारियों का साथ मिल रहा है ये तो अभी जांच का विषय है लेकिन जेएमएम की इस मांग ने सन्नी सिंह की मुश्किलें जरूर बढ़ा दी है।
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इस मामले को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा जिला कोर समिति की बैठक हुई। जिलाध्यक्ष सोनाराम देवगम की अध्यक्षता में हुई बैठक में अवैध खनन रोकने के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग को लेकर कार्रवाई की मांग की गई। झामुमो जिला प्रवक्ता बुधराम लागुरी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि बैठक में प्रस्ताव पारित कर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी पश्चिमी सिंहभूम, पुलिस अधीक्षक, पुलिस उप महानिरीक्षक कोल्हान प्रमंडल, मुख्यमंत्री झारखंड सरकार और पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन को पत्र भेजा गया है।
पत्र में कहा गया है कि जेटया, नोवामुंडी, बड़ाजामदा और गुवा थाना क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध लौह अयस्क खनन और परिवहन की गतिविधियां चल रही हैं। आरोप है कि इस संगठित अवैध कारोबार के संचालन में संतोष डेबरा और अरविंद की भूमिका है, जो मशीनों की तैनाती, मजदूरों की व्यवस्था, ट्रकों की आवाजाही और अयस्क को बड़े प्लांटों तक पहुंचाने का काम देख रहे हैं। इसके अलावा सन्नी सिंह, संतोष डेबरा और अरविंद चौरसिया के नाम भी सामने आए हैं।

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बुधराम लागुरी ने कहा कि अवैध खनन से सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है और राज्य सरकार व जिला प्रशासन की छवि भी प्रभावित हो रही है। उन्होंने बताया कि बड़ाजामदा स्थित कोर मिनरल्स खदान, जिसकी लीज समाप्त हो चुकी है, अवैध खनन का मुख्य केंद्र बन गई है। खदान की चारदीवारी तोड़कर अंदर मशीनें और हाइवा वाहन लगाए गए हैं तथा रात के समय बड़े पैमाने पर खनन कर अयस्क निकाला जा रहा है।उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतिदिन करीब 10 हजार टन से अधिक लौह अयस्क की अवैध निकासी की जा रही है, जिसे स्थानीय क्रशरों में ले जाकर जाली कागजातों के सहारे वैध दिखाकर बाहर भेजा जाता है।झामुमो ने जिला प्रशासन को इस मामले में 7 दिनों के भीतर कार्रवाई करने का अल्टीमेटम दिया है। चेतावनी दी गई है कि यदि कार्रवाई नहीं होती है तो पार्टी स्वयं अवैध कारोबारियों के खिलाफ सीधी कार्रवाई करेगी।बुधराम लागुरी ने बताया कि पूर्व में सिरिंगसिया शहीद दिवस के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी इस मामले से अवगत कराया गया था, जिस पर उन्होंने जिला स्तर पर कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था।


