डेस्कः बिहार कैमूर जिले में रेस्टोरेंट का खाना खाने के बाद तीन युवकों की तबीयत बिगड़ गई जिसमें से एक की मौत हो गई है। कैमूर जिले के भभुआ में दो भाई समेत तीन युवक पनीर-मंचूरियन खाने पहुंचे थे तीनों युवकों का 20 अप्रैल का जनैऊ होने वाला था। खाना खाने के कुछ ही देर बार तीनों युवकों की तबीयत बिगड़ गई। आनन-फानन में सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां एक युवक की मौत हो गई। घटना के बाद प्रशासन ने रेस्टोरेंट को सील कर दिया है।
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मृतक की पहचान भभुआ थाना क्षेत्र के सारंगपुर गांव निवासी मार्कंडेय तिवारी के पुत्र विशाल कुमार तिवारी के रूप में हुई है। इस मामले पर जानकारी देते हुए मृतक के पिता मार्कण्डेय तिवारी ने बताया कि मेरा बेटा विशाल तिवारी भभुआ शहर के एक रेस्टोरेंट से कल रात 9 बजे मंचूरियन और पनीर पैक कराकर घर लाया था। परिजनों का आरोप है कि, सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने केवल आला से जांच करके युवक को मृत घोषित कर दिया। बल्कि बार-बार ईसीजी जांच की मांग के बाद भी चिकित्सक द्वारा कोई सुनवाई नहीं की गयी।

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पिता ने कहा कि जब सुबह 8 बजे भभुआ के प्राइवेट हॉस्पिटल में युवक को ले गए तो, वहां चिकित्सक ने बताया कि आप लोगों ने लाने में देर कर दी। इसकी आधे घंटे पहले ही मौत हो गई है। पिता का आरोप है कि, ”अगर सदर अस्पताल के डॉक्टर ने सही तरीके से इलाज और जांच किया होता तो आज मेरा बेटा का जीवन बच जाता।”वहीं मृतक के पिता मार्कंडेय तिवारी ने फूड प्वाइजनिंग से मौत को कारण बताते हुए रेस्टोरेंट संचालक और सदर अस्पताल में ड्यूटी में तैनात चिकित्सक के खिलाफ थाने में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है।फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।


