लोहरदगा : रेल पुल पर आई दरार के बाद करीब तीन माह से ठप पड़ी रांची-लोहरदगा-टोरी रेलखंड की सेवा अब फिर से पटरी पर लौटने जा रही है। भक्सो कोयल नदी पर बने रेलवे ब्रिज संख्या-115 पर 28 मार्च को टावर कार और मल्टी इंजन का सफल ट्रायल किया गया। ट्रायल के सफल होते ही रेलवे प्रशासन ने 28 मार्च से रांची-लोहरदगा के बीच रेल परिचालन शुरू करने का निर्णय ले लिया है। इस संबंध में सीनियर डीओएम विनोद कुमार ने आधिकारिक निर्देश भी जारी कर दिया है।
रेल सेवा बहाल होने पर खुशी
रेल सेवा बहाल होने की खबर से लोहरदगा सहित आसपास के इलाकों के यात्रियों में खुशी की लहर है। लंबे समय से लोग इस रेलखंड के दोबारा शुरू होने का इंतजार कर रहे थे। अब शनिवार से ट्रेनें अपने पूर्व निर्धारित समय पर चलेंगी, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। कुल मिलाकर, रांची-लोहरदगा रेल सेवा की बहाली न सिर्फ यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है, बल्कि क्षेत्र के विकास और आवागमन के लिहाज से भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
ट्रायल में पास हुआ पुल
शुक्रवार को हुए ट्रायल के दौरान रेलवे के तकनीकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। टावर कार और मल्टी इंजन को पुल से गुजारकर उसकी मजबूती और सुरक्षा का परीक्षण किया गया। ट्रायल पूरी तरह सफल रहा, जिसके बाद रेल परिचालन को हरी झंडी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया गया है।
पुल में दरार आने से बंद हुई थी रेल सेवा
गौरतलब है कि 4 जनवरी को भक्सो कोयल नदी पर बने इस रेलवे पुल के दो पिलरों में दरार आ गई थी। इसके बाद एहतियातन इरगांव और लोहरदगा के बीच रेल परिचालन तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया था। इस घटना के बाद रेलवे के महाप्रबंधक सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थल निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया था।
तय समय पर हुआ काम पूरा
रेलवे प्रशासन ने पुल की मरम्मत को प्राथमिकता देते हुए तेजी से काम पूरा किया। जर्जर हिस्सों को हटाकर उसकी जगह 24 फीट लंबा स्टील गर्डर लगाया गया। निर्धारित समय से पहले ही मरम्मत कार्य पूरा कर लिया गया, जिससे अब रेल सेवा बहाल करने का रास्ता साफ हो गया।
यात्रियों को मिली थी बस सेवा की सुविधा
रेल सेवा बंद रहने के दौरान यात्रियों की परेशानी को देखते हुए रेलवे ने लोहरदगा से इरगांव के बीच नि:शुल्क बस सेवा शुरू की थी। रांची रेल मंडल के डीआरएम और सीनियर डीसीएम के निर्देश पर यह सुविधा लगातार संचालित की गई, जिससे यात्रियों को कुछ हद तक राहत मिली। रेल सेवा बंद होने के कारण यात्रियों को इरगांव स्टेशन तक बस से जाना पड़ता था और वहां से ट्रेन पकड़नी पड़ती थी। इस व्यवस्था में समय और धन दोनों की अतिरिक्त लागत लगती थी। अब सीधी रेल सेवा शुरू होने से यात्रियों को इस झंझट से मुक्ति मिलेगी।
चलने लगेंगी माल गाड़ियां
यात्री ट्रेनों के साथ-साथ इस रेलखंड पर मालगाड़ियों के संचालन का रास्ता भी साफ हो गया है। इससे क्षेत्र में खनिज और अन्य सामानों के परिवहन को गति मिलेगी, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी सकारात्मक संकेत है।
कई ट्रेनों का मार्ग किया गया था परिवर्तित
रेलखंड बंद रहने के दौरान 12454 नई दिल्ली–रांची राजधानी एक्सप्रेस को टोरी–लोहरदगा–रांची के स्थान पर टोरी–बरकाकाना–मेसरा–टाटीसिलवे–रांची मार्ग से चलाया जा रहा था। वहीं 12453 रांची–नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस, 18631/18632 रांची–चोपन एक्सप्रेस, 18635/18636 रांची–सासाराम एक्सप्रेस तथा 08611 सांतरागाछी–अजमेर एक्सप्रेस को भी परिवर्तित मार्ग से संचालित किया जा रहा था।
अब यात्रियों को नहीं होगी परेशानी
रांची-लोहरदगा रेलखंड में ट्रेन का ट्रायल सफल रहा है और सेवा बहाल कर दी गई है। अब यात्रियों को बसों से इरगांव होते हुए लोहरदगा जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने बताया कि पिलर चार और छह के बीच 26.8 मीटर लंबा आरएच गर्डर स्थापित किया गया है, जिससे ब्रिज पूरी तरह सुरक्षित हो गया है।
केएन सिंह, डीआरएम, रांची रेल मंडल







