रांचीः झारखंड पुलिस की नजर में फरार गैंगस्टर प्रिंस खान ने पाकिस्तान में रहने के दौरान अपनी पहचान छिपाकर नाम बदल लिया है। उसने फर्जी दस्तावेज के जरिये अपना नाम फैज खान रखा है। उसने इस नाम का पहचान पत्र भी बनवा लिया है। पहचान पत्र 12 मई 2025 को जारी हुआ है। इसकी वैद्यता 12 मई 2035 तक है। प्रिंस खान के नेटवर्क की जानकारी मिलने के बाद पुलिस अधिकारी सुरक्षा एजेंसी से पाकिस्तानी नेटवर्क के बारे में जानकारी एकत्र कर रहे हैं, ताकि इंटरपोल की मदद से आगे की कार्रवाई की जा सके। जानकारी के अनुसार, कुछ वर्ष पूर्व ही प्रिंस खान धनबाद से पासपोर्ट बनवाने के बाद दुबई फरार हो गया था। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी थी।
प्रिंस खान का करीबी राणा राहुल सिंह बेंगलुरु से फरार, महिला मित्र से पुलिस ने की पूछताछ
दुबई के शारजाह में होने से संबंधित बात सामने आने पर इंटरपोल के सहयोग से उसकी तलाश के लिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। उसका पासपोर्ट भी रद्द कर दिया गया था, लेकिन प्रिंस खान दुबई में ही बैठकर गिरोह के सहयोगियों के जरिये रंगदारी की मांग करता रहा। जब रांची से प्रिंस खान गिरोह के कुछ अपराधी गिरफ्तार हुए, तब उन्होंने पुलिस को बताया कि प्रिंस खान दुबई में बैठकर रंगदारी में वसूले गये पैसे से लाउंड्री चला रहा है। पिछले वर्ष ही प्रिंस खान का जब दुबई में वीजा खत्म हो गया, तब सुरक्षा एजेंसियों ने फिर से उसकी तलाश शुरू की। इसकी भनक लगते ही प्रिंस खान दुबई से भाग पाकिस्तान पहुंचा। हाल में उसके पाकिस्तान में रहने की जानकारी झारखंड पुलिस को मिली थी। इसके बाद प्रिंस खान के बारे में पुलिस ने नये सिरे से जानकारी एकत्र शुरू की।
रांची की सीनियर DCM सूची सिंह को पद से हटाया गया, घूसखोरी कांड में CBI की पूछताछ के बाद कार्रवाई
वहीं रांची में रेस्टोरेंट कर्मी मनीष गोप की हत्या के बाद पुलिस प्रिंस खान और उसके गुर्गो पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। रांची पुलिस ने कोर्ट में आवेदन देककर इन पर गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम(UAPA) लगाने की मंजूरी मांगी है। प्रिंस अभी पाकिस्तान के बहावलपुर में नाम बदलकर छिपा है। उधर, धनबाद में गिरफ्तार कुबेर सिंह के मोबाइल से मिले पाकिस्तानी आईडी कार्ड की भी पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। इस कार्ड में प्रिंस खान के फोटो के साथ फैज खान लिखा है। इस पर बहावलपुर का पता दर्ज है। बहावलपुर आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ माना जाता है। इसलिए आशंका जताई जा रही है कि उसे जैश का समर्थन मिल चुका है।








