डेस्कः विपक्ष के द्वारा चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर लगातार सवाल उठाए जा रहे है, इसी बीच चुनाव आयोग की एक चिट्ठी खूब वायरल हो रही है जिसपर बवाल खड़ा हो गया है। केरल में विधानसभा का चुनाव हो रहा है इसी बीच माक्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी ने चुनाव आयोग का एक लेटर अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया जिसमें बीजेपी की मुहर लगी हुई है। सीपीएम के सवाल उठाने के बाद आयोग को इसपर सफाई देनी पड़ी। चुनाव आयोग ने इसे ‘त्रुटि’ बताया। चुनाव आयोग ने कहा कि इस लेटर पर बीजेपी की मुहर ‘पूरी तरह से क्लेरिकल एरर’ के कारण लग गई थी।
Have all pretences been dropped by the BJP?
It is no secret that the same power centre seems to control both the Election Commission of India and the BJP. Even then, at least maintain the courtesy of two separate desks.
Now even that seems unnecessary.
Seals are being casually… pic.twitter.com/MfMXNaXTgk
— CPI(M) Kerala (@CPIMKerala) March 23, 2026
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क्या है पूरा मामला?
इस मामले को सबसे पहले CPI(M) ने उठाया था। CPI(M) ने सोमवार को X पर एक ईमेल का स्क्रीनशॉट शेयर किया, जिसमें 19 मार्च 2019 को राजनीतिक पार्टियों को भेजे गए एक लेटर के साथ एफिडेविट जुड़ा हुआ था। 2019 के उस लेटर में उम्मीदवारों के आपराधिक इतिहास से जुड़े नियमों की जानकारी दी गई थी। इस लेटर पर बीजेपी की केरल यूनिट की मुहर लगी थी। साथ ही चुनाव आयोग के एक अधिकारी के दस्तखत थे।इस लेटर के वायरल होने पर लोग चुनाव आयोग पर खूब चुटकी ले रहे है और उसकी निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर रहे है।
चुनाव आयोग ने सोचा होगा क्यों साहब लोगों को तकलीफ़ दी,
मोहर यही रख लेते है।दफ़्तरों के शरीर ही अलग हैं,आत्मा तो एक ही है 😂 pic.twitter.com/jkunD5hmuL— Aadesh Rawal (@AadeshRawal) March 23, 2026







