म्यूल बैंक खाता खुलवाने का मामलाः राजस्थान, महाराष्ट्र, झारखंड, दिल्ली के लोगों से की गई तीन करोड़ की ठगी

म्यूल बैंक खाता खुलवाने का मामलाः राजस्थान, महाराष्ट्र, झारखंड, दिल्ली के लोगों से की गई तीन करोड़ की ठगी

डेस्कः पटना जिले के सालिमपुर और बख्तियारपुर में शौचालय निर्माण और मरम्मत योजना के नाम पर पैसा मिलने का झांसा देकर साइबर क्राइम के लिए ग्रामीणों का बैंक में म्यूल खाता खुलवाने के मामले की जांच में लगातार नयी जानकारियां सामने आ रही हैं। साइबर बदमाशों ने भोज का लालच देकर विभिन्न जगहों पर कैंप लगा कर करीब 500 से अधिक खाते खुलवाये थे। साथ ही राजस्थान, महाराष्ट्र, झारखंड, दिल्ली और कुछ अन्य राज्यों के लोगों से तीन करोड़ से अधिक की ठगी की। देश के कोने-कोने से साइबर क्राइम की शिकायतें आने के बाद जांच में 100 और खाते की जानकारी मिली है, जिसमें यह रकम आयी थी। इन्हें होल्ड कर दिया गया है। इसके पूर्व भी दर्जनों खाते की जानकारी पुलिस को मिली थी, जिसमें साइबर बदमाशों ने 3.5 करोड़ का ट्रांजेक्शन किया था। बदमाशों ने पूरी सुनियोजित योजना के तहत ग्रामीणों के खाते के लिए दिये गये आवेदन में अपना नंबर दिया और उसके एटीएम कार्ड को चालाकी से हासिल कर लिया। इससे पैसे निकासी में आसानी हो गयी।

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पटना और नालंदा की अलग-अलग एटीएम से निकाले गये रुपये
बदमाशों ने ग्रामीणों के खाते खुलाये और उसे साइबर क्राइम के पैसे को डालने के लिए उपयोग में लाया। खास बात यह है कि खाता में रकम आते ही इन बदमाशों ने एक दूसरे ग्रुप ने पटना और नालंदा के अलग-अलग एटीएम से पैसे की निकासी कर ली। विदित हो विभिन्न जगहों पर कैंप लगा कर खाता खुलवाने के मामले में पटना के सालिमपुर थाने में केस दर्ज कर पुलिस जांच कर रही है। साइबर क्राइम एंड सिक्योरिटी यूनिट के निर्देश पर पूरे राज्य में अभियान चलाया गया। इसमें 1,216 म्यूल अकाउंट्स की पहचान की गई है। इन खातों के जरिए कम समय में 72 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ।
मामले में अब तक 201 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार लोगों में साइबर ठग, खाताधारक, बैंक मैनेजर, बैंककर्मी और चार्टर्ड अकाउंटेंट शामिल हैं। जांच में सामने आया कि बैंकिंग सिस्टम में सेंध सफेदपोशों की मदद से लगाई गई। बैंक की गोपनीय जानकारी भी लीक की गई। कार्रवाई की शुरुआत एनसीआरपी पोर्टल पर मिली 1,272 शिकायतों से हुई। शिकायतों के विश्लेषण के बाद खातों को ट्रैक किया गया। अब तक 103 केस अलग-अलग साइबर थानों में दर्ज किए गए हैं।
आंकड़ों के अनुसार गोपालगंज में 33, मोतिहारी में 30, भागलपुर में 14, पटना में 13 और सारण में 8 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। सीसीएसयू ने कई आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है। जांच में पता चला कि अपराधी लोगों को लालच देकर उनके बैंक खाते का इस्तेमाल करते थे। पासबुक, सिम कार्ड और एटीएम अपने पास रख लेते थे। इन खातों में ठगी की रकम मंगाई जाती थी। यह भी सामने आया कि म्यूल अकाउंट खोलने में इस्तेमाल मोबाइल नंबर कोलकाता और बिहार के बाहर के शहरों के थे।

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15 हजार छोटे ट्रांजेक्शन वाले खाते भी जांच में
सीसीएसयू के अनुसार 1,216 म्यूल अकाउंट में 10 लाख या उससे अधिक की ठगी हुई है। ज्यादातर खाते करंट या बिजनेस अकाउंट हैं। अगर एक लाख से कम ट्रांजेक्शन वाले खातों को जोड़ें तो संख्या और बढ़ जाती है। पूरे बिहार में ऐसे करीब 15 हजार खाते चिह्नित हैं। इनमें अधिकतर सेविंग अकाउंट हैं। सीसीएसयू की टीम इन खातों का सत्यापन कर रही है। साइबर पुलिस आगे और बड़ी कार्रवाई की तैयारी में है।

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