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पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में ISI की शरण में प्रिंस खान, जैश सेंटर ठिकाना,आतंकी को कर रहा है फंडिंग

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में ISI की शरण में प्रिंस खान, जैश सेंटर ठिकाना,आतंकी को कर रहा है फंडिंग

धनबादः वासेपुर का भगोड़ा अपराधी प्रिंस खान पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में है। उसे आईएसआई ने अपनी शहर में कए कैंप में संरक्षण दे रखा है। रंगदारी से मिलने वाला पैसा अब वह आतंकी गतिविधियों में लगा रहा है। यह खुलासा प्रिंस के खास गुर्गे सैफी उर्फ मेजर ने पुलिस के समक्ष किया है। उसने पुलिस को बताया कि दुबई के इंटरपोल की दबिश बढ़ने के बाद प्रिंस काफी परेशान रहने लगा था। दुबई से भागने के लिए उसने जैश-ए- मोहम्मद से जुड़े एक सहयोगी की मदद ली। उसके साथ वह डंकी रूट से ओमान के रास्ते पाकिस्तान का पंजाब प्रांत चला गया। वहां उसे आईएसआई के द्वारा संचालित जैश-ए-मोहम्मद के सेंटर में संरक्षण मिला। प्रिंस पंजाब प्रांत में किसके साथ है, सैफी ने उसके बारे में पूरी जानकारी पुलिस को दी है। धनबाद पुलिस का कहना है कि धनबाद से भेजा जा रहे रंगदारी का पैसे से प्रिंस पहले चल-अचल संपत्तियां खरीदता था, लेकिन अब वही पैसा आतंकी गतिविधियों में लगा रहा है। ऐसे में प्रिंस को जो भी रंगदारी दे रहे हैं, नाम सामने आने पर उन पर आतंकी को मदद करने के आरोप में कार्रवाई संभव है।
पुलिस की चेतावनीः जो रंगदारी दे रहे, वे आतंकी के मददगार माने जाएंगे
दुबई में एक ही फ्लैट में रह रहीं प्रिंस की दोनों बीवियां, गोपी पत्नी के साथ दूसरे फ्लैट में शिफ्ट
सैफी ने पुलिस को यह भी जानकारी दी है कि प्रिंस के दुबई से भागने के बाद उसकी दो पत्नियां एक साथ दुबई में एक फ्लैट में रह रही है। फरारी के दौरान ही प्रिंस ने दूसरी शादी रचाई थी। वहीं उसका भाई गोपी खान अपनी पत्नी के साथ वहां से 10 किलोमीटर दूर दूसरे फ्लैट में रह रहा है। उसके साथ ऋतिक भी रहता है। धनबाद से रंगदारी से मिलने वाले पैसे से सभी वहां ऐशो-आराम की जिंदगी जी रहे है। पुलिस की नजर अब गोपी खान पर भी है।
अब वायरल पर्चो की होगी फॉरेंसिक जांच
पूछताछ में सैफी ने बताया कि सितंबर 2025 से पूर्व वह प्रिंस के लिए किसी वारदात से पूर्व और बाद में पर्चा लिखने का काम करता था। पर्चा में अपना नाम मेजर लिखना था, जिसे धनबाद के गुर्गो को भेजने का काम करता था। गुर्गे धनबाद में पर्चा वायरल करते थे। वहीं प्रिंस का साथ छोड़ने के बाद पलामू के कुबेर के नाम पर पर्चा लिख कर प्रिंस के गुर्गो के माध्यम से वायरल कराता था। पुलिस पूर्व में वायरल पर्चा का फॉरेंसिक जांच कराएगी, जिससे यह पता चल सके कि हैंडराइटिंग किसकी है।
रिमांड अवधि खत्म, जेल भेजा गया मेयर
एसएसपी प्रभात कुमार, सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव समेत अन्य अधिकारियों ने मंगलवार को धनबाद थाने में सैफी के कई राउंड में पूछताछ की। तीन दिनों की रिमांड की अवधि समाप्त होने के बाद सैफी को कोर्ट में प्रस्तुत किया। कोर्ट ने सैफी को जेल भेज दिया। इसके पूर्व भी पुलिस ने तीन दिनों की रिमांड पर उससे पूछताछ की थी। रिमांड अवधि ने सैफी ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। बता दें कि 10 मार्च को सैफी को कोलकाता के दमदम एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था।

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