धनकुबेर धीरज साहू की इनसाइड स्टोरी, जानिये कहां से आया साहू परिवार के पास इतना पैसा,राष्ट्रपति -प्रधानमंत्री भी बन चुके है मेहमान

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रांची-पिछले 5 दिनों से कांग्रेस सांसद धीरज साहू के ठिकानों में चल रही आयकर विभाग की छापेमारी सुर्खियां बटौर रही है। इनके यहां से हुई रिकार्ड कैश की बरामदगी चर्चा का विषय बनी हुई है, 5 दिनों से जारी नोटों की गिनती रविवार तक खत्म नहीं हो सकी है। साहू परिवार के संपत्ति को लेकर चर्चाएं गर्म है। लेकिन सच्चाई ये है कि खानदानी कांग्रेसी साहू परिवार 100 साल से ज्यादा समय से शराब के कारोबार में है।
साहू परिवार को लेकर कौतुहल बढ़ गया है, साहू परिवार को लेकर कई कहांनियां कही जा रही है। 25 नवंबर 1955 को रांची में जन्मे धीरज साहू खानदानी रसूखदार परिवार से आते है। धीरज साहू अपने छह भाईयों में सबसे छोटे है। उनके बड़े भाई शिव प्रसाद साहू रांची लोकसभा सीट से दो बार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतकर लोकसभा जा चुके है। जबकि अन्य भाई उदय शंकर प्रसाद साहू, गोपाल साहू, नंदलाल प्रसाद साहू और किशोर प्रसाद साहू शराब कारोबार सहित अन्य कारोबार में शामिल है।
धीरज साहू के परिवार का शुरू से ही कांग्रेस पार्टी से जुड़ाव रहा है, धीरज साहू के दादा कांग्रेस के सक्रिय कार्यकर्ता रहे थे वही पिता बलदेव साहू स्वतंत्रता सेनानी थे। आजादी की लड़ाई में भी साहू परिवार का बड़ा योगदान रहा है। ऐसा कहा जाता है कि आजादी के बाद बलदेव साहू ने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए 47 लाख रूपये और 47 किलो सोना दिया था। शिवप्रसाद साहू जो रांची से सांसद थे उन्हे उस समय की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का काफी करीबी माना जाता था। इंदिर गांधी और पूर्व राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद भी लोहरदगा स्थित साहू परिवार के घर आ चुके है।
खानदानी कांग्रेसी धीरज साहू ने 1977 में राजनीति में प्रवेश किया और लोहरदगा युथ कांग्रेस से जुड़ गए। चतरा लोकसभा सीट से धीरज साहू ने दो बार चुनाव लड़ा लेकिन किश्मत में कामयाबी नहीं मिली। धीरज साहू पिछले तीन बार से कांग्रेस के टिकट पर राज्यसभा जा रहे है। उनके एक भाई गोपाल साहू हजारीबाग से कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ चुके है लेकिन उन्हे सफलता नहीं मिली। उनके एक भाई उदय साहू है जो कांग्रेस से ही जुड़े रहे है। धीरज साहू का बेटा हर्सित साहू और भतीजा संजय साहू अपने कारोबार को देख रहे है। रांची का सफायर इंटरनेशनल स्कूल और हॉस्पिटल भी साहू परिवार से जुड़ा है। धीरज साहू के एक भाई उदय साहू ही मुख्य रूप से कारोबार संभालते है। अपने चुनावी हलफनामे में साहू ने अपनी संपत्ति 34 करोड़ और देनदारी 2 करोड़ रूपये बताई थी, उनपर कोई भी आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं है।

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