डेस्कः उद्योगपति अनिल अंबानी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार (6 फरवरी) को उद्योगपति अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस पावर लिमिटेड से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले की जांच के तहत की गई। न्यूज एजेंसी PTI के अनुसार, मुंबई और हैदराबाद में कंपनी और उसके अधिकारियों से जुड़े करीब 10 से 12 स्थानों पर तलाशी ली जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि ED की लगभग 15 टीमें इस अभियान में लगी हुई हैं। धोखाधड़ी मामले में ईडी का एक्शन जानकारी के मुताबिक, एजेंसी कथित बैंक धोखाधड़ी से जुड़े मामले की जांच कर रही है। इसी मामले में अनिल अंबानी से जुड़ी कई कंपनियों के लेन-देन और डॉक्यूमेंट्स की भी जांच-पड़ताल की जा रही है। ED की टीमें दफ्तरों और अन्य जगहों पर दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं अवैध तरीके से पैसे का लेन-देन तो नहीं हुआ। फिलहाल जांच जारी है और एजेंसी पूरे मामले की गहराई से पड़ताल कर रही है।
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ED ने शुक्रवार तड़के कई हाई-प्रोफाइल छापे मारे हैं, जिनमें उद्योगपति अनिल अंबानी और रिलायंस पावर लिमिटेड से जुड़े विभिन्न व्यवसायों और व्यक्तियों को निशाना बनाया गया है।मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई भर में 10 से 12 स्थानों पर छापेमारी जारी है, जिसमें लगभग 15 विशेषीकृत ईडी इकाइयों की एक टीम ने तड़के तलाशी शुरू की। ये छापेमारी बिजली कंपनी से जुड़े लोगों के पंजीकृत कार्यालयों और आवासीय परिसरों पर केंद्रित है।यह कथित वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग की व्यापक जांच का हिस्सा है। हालांकि एजेंसी ने अभी तक कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार ये तलाशी रिलायंस पावर से जुड़े संदिग्ध फंड ट्रांसफर और लेनदेन की जांच का हिस्सा हैं।



