खूंटीः झारखंड में बच्चा चोरी के अफवाह का एक और शख्स शिकार बना है। खूंटी के रनिया थाना क्षेत्र स्थित सोदे गांव में एक युवक को बच्चा चोरी के शक में पेड़ से बांध दिया गया उसके बाद ग्रामीणों ने उसकी जमकर पिटाई कर दी। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह युवक को भीड़ से छुड़ाकर उसकी जान बचाई और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।
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संदिग्ध हालत में बच्चे के साथ जा रहा था युवक
मिली जानकारी के अनुसार, रनिया निवासी लच्छू कुमार गुरुवार 5 मार्च की शाम करीब पांच बजे सोदे गांव के एक नौ वर्षीय बच्चे को अपने साथ लेकर कोयल नदी की ओर जा रहा था। बताया जा रहा है कि उस समय युवक नशे की हालत में था। गांव के कुछ लोगों की नजर उस पर पड़ी तो उन्हें स्थिति संदिग्ध लगी। ग्रामीणों को लगा कि युवक बच्चे को बहला-फुसलाकर कहीं ले जा रहा है। इसी शक के आधार पर गांव में बच्चा चोरी की आशंका की खबर तेजी से फैल गई। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गये।
भीड़ ने युवक को पकड़कर पेड़ से बांधा
बच्चा चोरी की आशंका से गुस्साए ग्रामीणों ने युवक को पकड़ लिया। इसके बाद उसे पास के एक पेड़ से रस्सी के सहारे बांध दिया गया। बताया जाता है कि आक्रोशित लोगों ने युवक की जमकर पिटाई कर दी। इस दौरान युवक खुद को निर्दोष बताता रहा, लेकिन भीड़ के गुस्से के सामने उसकी एक नहीं सुनी गई। घटना के दौरान गांव में अफरातफरी का माहौल बन गया। कुछ लोगों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत इसकी सूचना रनिया थाना पुलिस को दे दी।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
घटना की जानकारी मिलते ही रनिया थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई। पुलिस टीम सोदे गांव पहुंची और ग्रामीणों को समझाकर युवक को भीड़ के कब्जे से छुड़ाया। पुलिस ने युवक को अपने साथ थाना ले लिया। इस दौरान युवक बुरी तरह घायल हो चुका था। उसके शरीर पर मारपीट के कई निशान थे। पुलिस ने तुरंत मानवीय पहल करते हुए उसे इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रनिया पहुंचाया।
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अस्पताल में कराया गया इलाज
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों ने घायल युवक का प्राथमिक उपचार किया।पुलिस की निगरानी में उसका इलाज कराया गया। फिलहाल युवक की हालत स्थिर बताई जा रही है। इलाज के बाद पुलिस उसे थाने ले आई और मामले की विस्तृत पूछताछ शुरू कर दी है।
पुलिस ने बच्चा चोरी की अफवाह को बताया बेबुनियाद
प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने बच्चा चोरी की घटना को बेबुनियाद बताया है। पुलिस का कहना है कि अभी तक ऐसी कोई ठोस बात सामने नहीं आई है जिससे बच्चा चोरी की पुष्टि हो सके। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें और कानून को अपने हाथ में न लें। यदि कहीं भी संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दें।प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अफवाह फैलाने या भीड़ हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जा सकती है।




