पटनाः Bihar में STF ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक लाख के इनामी कुख्यात अपराधी देवा गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है। वह मोतिहारी नगर निगम की मेयर प्रीति कुमारी के पति हैं। पटना के पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र के राधिका अपार्टमेंट में छापेमारी कर ये गिरफ्तारी की गई है। SFT ने गुप्त सूचना के आधार पर राधिका अपार्टमेंट के फ्लैट संख्या-301 पर दबिश दी, यहीं से एक लाख रुपए के इनामी अपराधी देवा गुप्ता को गिरफ्तार किया गया। 2025 में राजद ने देवा गुप्ता को मोतिहारी से अपना कैंडिडेट बनाया था। गिरफ्तारी के बाद सियासी हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।

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1 लाख का इनामी, हिट लिस्ट में सबसे ऊपर था
करीब 2 महीने पहले देवा गुप्ता को पटना हाईकोर्ट से राहत मिली थी। हाईकोर्ट ने देवा गुप्ता पर की जाने वाली सख्त कार्रवाई और उस पर घोषित एक लाख रुपए के इनाम पर सुनवाई पूरी होने तक रोक लगा दी थी। इस आदेश के बाद पुलिस प्रशासन की कार्रवाई रुक गई थी।मोतिहारी पुलिस ने अपराध नियंत्रण के लिए 100 अपराधियों की लिस्ट तैयार की थी। इस ‘हिट लिस्ट’ को DIG के पास भेजा गया था। लिस्ट में शराब माफिया, भू-माफिया, हत्या और लूट के आरोपी शामिल थे। इसमें देवा गुप्ता का नाम सबसे ऊपर था।पुलिस के अनुसार, उस पर कुल 28 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन मामलों में हत्या, रंगदारी और जमीन कब्जा जैसे संगीन आरोप शामिल हैं। दो मामलों में वो लंबे समय से फरार चल रहा था। पुलिस लगातार उनकी तलाश में जुटी थी।
SP ने 10 दिनों में सरेंडर करने को कहा था
देवा पर दर्ज मामलों के आधार पर SP ने उस पर एक लाख रुपए के इनाम की घोषणा की थी। उसे 10 दिनों के भीतर कोर्ट या पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया गया था। निर्धारित 10 दिनों की समय-सीमा पूरी होने से पहले ही देवा गुप्ता ने उच्च न्यायालय का रुख किया।इसके बाद देवा ने एक याचिका दायर की थी, जिसमें पहले से दाखिल अपनी अग्रिम जमानत अर्जी का हवाला दिया। याचिका में उसके खिलाफ दर्ज सभी मुकदमों और वर्तमान कानूनी स्थिति का भी जिक्र किया गया था।मामले की सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने कहा था, देवा गुप्ता की अग्रिम जमानत याचिका अभी प्रक्रियाधीन है। कोर्ट ने निर्देश दिया था कि जब तक इस जमानत अर्जी पर सुनवाई पूरी नहीं हो जाती, तब तक पुलिस संबंधित मामलों में देवा गुप्ता के खिलाफ कोई भी सख्त या दंडात्मक कार्रवाई नहीं करेगी।
पहले पत्नी को मेयर बनवाया फिर खुद के लिए टिकट मांगा
2025 में देवा गुप्ता के सामने बीजेपी के प्रमोद कुमार के खिलाफ खड़े हुए थे। देवा की राजनीति शुरुआत मेयर के चुनाव से हुई थी। पत्नी को मेयर के चुनाव 2022 में खड़ा किया था और चुनाव जीता था। उसके बाद लोकसभा चुनाव में टिकट का दावा ठोका, लेकिन टिकट नहीं मिला, उसके बाद विधानसभा में खुद पहली बार हाथ आजमाया।




