डेस्कः मैक्सिको की आर्मी ने एक ऑपरेशन चलाकर शक्तिशाली ड्रग माफिय एल मेंचो को मार गिराया है। इसके बाद पूरे मैक्सिको में हिंसा हो रही है।लोकल मीडिया और अधिकारियों ने बताया कि ड्रग माफिया के मारे जाने के बाद, जलिस्को, गुआनाजुआतो, नायरिट, मिचोआकन और तमाउलिपास में बसों, ट्रकों और कारों में आग लगा दी गई।
दुनिया के सबसे वॉन्टेड ड्रग तस्करों में से एक और ‘एल मेंचो’ के नाम से कुख्यात नेमेसियो रुबन ओसेगुएरा सर्वेंटेस एक सैन्य अभियान में मारा गया है। ओसेगुएरा की मौत के बाद पूरे मैक्सिको में जगह-जगह से हिंसा की खबरें आ रही हैं। यह ऑपरेशन पश्चिमी राज्य जलिस्को में मैक्सिकन सुरक्षा बलों द्वारा चलाया गया था।

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मंत्रालय के मुताबिक, 59 वर्षीय भगोड़े ड्रग लॉर्ड की मौत मिलिट्री ऑपरेशन के बाद एयर ट्रांसफर (हवाई मार्ग से ले जाने) के दौरान लगी गंभीर चोटों के कारण हुई। एल मेंचो का संगठन ‘जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल’ (CJNG) पिछले एक दशक में मेक्सिको का सबसे पावरफुल आपराधिक समूह बन चुका था और अमेरिका में नशीले पदार्थों की तस्करी का प्रमुख स्रोत था। हालांकि, राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि करने से परहेज किया है। उन्होंने कहा कि इस मामले पर पूरी जानकारी सुरक्षा कैबिनेट द्वारा दी जाएगी।
CJNG Cartel are burning buses and structures in Puerto Vallarta, Mexico.
— Breaking911 (@Breaking911) February 22, 2026
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पूरे मेक्सिको में अफ़रा-तफ़री…
अधिकारियों ने बताया कि ओसेगुएरा की मौत की ख़बरों से CJNG के मज़बूत गढ़ वाले कई राज्यों में हिंसा फैल गई, जहां बंदूकधारियों ने मिलकर बदले की कार्रवाई में कई गाड़ियां जला दीं और मुख्य सड़कों को ब्लॉक कर दिया। लोकल मीडिया और अधिकारियों ने बताया कि जलिस्को, गुआनाजुआतो, नायरिट, मिचोआकन और तमाउलिपास में बसों, ट्रकों और कारों में आग लगा दी गई, जबकि ग्वाडलहारा में लोग बदले की कार्रवाई के डर से सड़कों और ट्रांसपोर्ट हब से भाग गए।
मेक्सिको में भारतीय दूतावास ने ट्वीट किया, "मेक्सिको में सभी भारतीय नागरिकों को प्यार: सुरक्षा ऑपरेशन और उससे जुड़ी सड़कें बंद करने और क्रिमिनल एक्टिविटी चल रही हैं, जलिस्को स्टेट (प्यूर्टो वालार्टा, चपाला और ग्वाडलहारा के इलाके), तमाउलिपास स्टेट (रेनोसा और दूसरी म्युनिसिपैलिटी… pic.twitter.com/9AlKxpIZ3c
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 23, 2026
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एल मेंचो की कहानी
एल मेंचो मैक्सिको के सबसे बड़े ड्रग माफियाओं में से एक था। अमेरिका के न्याय विभाग के अनुसार उसका कार्टेल 2009 में बना था और यह मैक्सिको के सबसे हिंसक ड्रग तस्करी संगठनों में से एक बन गया है। अमेरिकी ड्रग एन्फोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन (DEA) इसे शक्तिशाली सिनालोआ कार्टेल का प्रतिद्वंद्वी मानता है, जिसकी सभी 50 अमेरिकी राज्यों में मौजूदगी है। उन पर मैक्सिकन सरकारी अधिकारियों की हत्या के प्रयास का भी आरोप लगाया गया था।
जून 2025 में यूएस कस्टम्स एंड बॉर्डर पेट्रोल ने आंकड़ें जारी किए थे, जिसके अनुसार अक्टूबर 2024 से अमेरिका में 9,200 पाउंड (4,182 किलोग्राम) फेंटेनाइल जब्त किया गया है। इनमें से लगभग सभी (96%) को मैक्सिको से लगे बॉर्डर के पास पकड़ा गया था। अमेरिकी विदेश विभाग ने एल मेंचो को पकड़ने में मदद करने वाली जानकारी के लिए 1.5 करोड़ डॉलर का इनाम देने की पेशकश की थी। भारतीय करेंसी में यह रकम 136 करोड़ रुपए से अधिक होती है।
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मैक्सिको पर दबाव डाल रहे थे कि वह खासकर फेंटानिल जैसी ड्रग्स की अमेरिका में तस्करी को रोके।ट्रंप ने कई बार धमकी दी है कि वह मैक्सिको से आने वाले सामान पर टैक्स (टैरिफ) लगाएंगे। उनका कहना है कि मैक्सिको की पहली महिला राष्ट्रपति शेनबाउम ने ड्रग व्यापार को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए हैं। बता दें कि इससे पहले सिनालोआ कार्टेल के संस्थापक जोआक्विन “एल चापो” गुजमान और इस्माइल जाम्बादा पकड़े जा चुके हैं। दोनों इस समय अमेरिका में जेल की सजा काट रहे हैं।




