डेस्कः बिहार के नालंदा जिले में बड़ा हादसा होने से टल गया। लखीसराय जिले के अलसी प्रखंड अंतर्गत गरूआ पुरसंडा मध्य विद्यालय से शैक्षणिक परिभ्रमण पर राजगीर आई एक बस में अचानक आग लग गई। बस में करीब 50 छात्र-छात्राएं और शिक्षक सवार थे। गनीमत रही कि चालक की तत्परता और स्थानीय लोगों की सक्रिय मदद से किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
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बस में लगी भीषण आग: घटना राजगीर-गिरियक मार्ग पर आयुध निर्माणी नालंदा के गेट नंबर-2 के पास हुई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस जैसे ही इस स्थान पर पहुंची, इंजन से तेज धुआं और चिंगारियां निकलने लगीं। स्थिति गंभीर होते देख चालक हीरालाल ने तुरंत बस को सड़क किनारे रोका और सभी छात्र-छात्राओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। आग तेजी से फैल रही थी, लेकिन समय पर कार्रवाई से बड़ा नुकसान टल गया।
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स्थानीय लोगों और फैक्ट्री संचालक ने छात्रों को बचाया: आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और तत्काल अग्निशमन विभाग को सूचना दी। पास स्थित सर्फ फैक्ट्री के संचालक राहुल कुमार ने अपनी फैक्ट्री से दो एबीसी फायर एक्सटिंग्विशर और एक बोरा डोलोमाइट पाउडर लेकर मदद की। फैक्ट्री कर्मियों और स्थानीय लोगों के सहयोग से आग पर काबू पाया गया। राहुल कुमार ने बताया कि डोलोमाइट पाउडर और एक्सटिंग्विशरों की मदद से आग को फैलने से रोका जा सका।
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अग्निशमन टीम ने पूरी तरह शांत की आग: कुछ ही देर में अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और बस में लगी आग को पूरी तरह बुझा दिया। राजगीर थानाध्यक्ष रमन कुमार और अग्निशमन पदाधिकारी ने पुष्टि की कि घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। सभी छात्र-छात्राएं सुरक्षित हैं, हालांकि घटना के बाद उनमें भय का माहौल देखा गया।
शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी: प्रशासन द्वारा आग लगने के कारण की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह शॉर्ट सर्किट या इंजन की तकनीकी खराबी के कारण हो सकता है।बस बुरी तरह प्रभावित हुई है, लेकिन सभी यात्री सुरक्षित निकल आए।
शैक्षणिक परिभ्रमण में सुरक्षा मानकों की अनदेखी: इस मौसम में राज्य के विभिन्न जिलों से तथा अन्य राज्यों से भी छात्र-छात्राएं शैक्षणिक परिभ्रमण के लिए राजगीर पहुंच रहे हैं। बसों में छोटे स्कूली बच्चे होने के बावजूद सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा है। बसों की नियमित जांच और फायर सेफ्टी उपकरण अनिवार्य होने चाहिए।



