डेस्कः कानपुर लैंबॉर्गिनी केस में पुलिस ने मुख्य आरोपी शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है।.यह वही हाई‑प्रोफाइल मामला है जिसमें 8 फरवरी को करोड़ों की कीमत वाली लैंबॉर्गिनी VIP रोड पर अनियंत्रित होकर कई लोगों को टक्कर मार गई थी। पुलिस की शुरुआती जांच और CCTV फुटेज ने संकेत दिया था कि गाड़ी शिवम मिश्रा ही चला रहा था, हालांकि उसका पक्ष लगातार यह दावा करता रहा कि कार ड्राइवर चला रहा था।
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इस मामले में बुधवार को अदालत में मोहन नामक शख्स ने दावा किया था कि हादसे के वक्त कार वह चला रहा था, न कि कारोबारी के.के. मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा ने। हालांकि पुलिस ने अब शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है।पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी को विधिक प्रक्रिया के तहत हिरासत में लेकर कोर्ट में पेश किया गया। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई मौजूद सबूतों और जांच के आधार पर की गई है।

बता दें कि ग्वालटोली क्षेत्र की वीआईपी रोड पर हुई दुर्घटना के बाद से मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ था।करीब 12 करोड़ की कार से टक्कर लगने से कई लोग घायल हुए थे।रविवार को कानपुर के पॉश ग्वालटोली इलाके की वीआईपी रोड पर ये हादसा हुआ था। करीब 12 करोड़ रुपये कीमत वाली लैंबॉर्गिनी सुपरकार अचानक बेकाबू हो गई।तेज रफ्तार कार ने पहले एक ई-रिक्शा को टक्कर मारी, फिर एक बाइक सवार और एक राहगीर को चपेट में ले लिया। इसके बाद कार सड़क किनारे लगे खंभे से जा टकराई।हादसे में कई लोग घायल हुए थे, जिन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया था।

यह मामला इसलिए भी चर्चा में आया, क्योंकि दुर्घटना में शामिल लग्जरी कार शहर के बड़े कारोबारी घराने बंशीधर टोबैको ग्रुप से जुड़ी है। इसमें बिजनेस टायकून केके मिश्रा का बेटा शिवम मिश्रा सवार था। पुलिस का दावा रहा कि कार केके मिश्रा का बेटा और ग्रुप से संबद्ध कंपनी का डायरेक्टर शिवम मिश्रा चला रहा था। हालांकि घटना के बाद बचाव पक्ष की ओर से अलग दावा किया गया कि कार ड्राइवर मोहन लाल चला रहा था।




