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पटना में एक साथ पांच ठिकानों पर छापेमारी, 13 युवतियां और एक युवक हिरासत में, पुलिस ने किया गिरोह का भंडाफोड़

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Live Dainik

February 3, 2026

पटना में एक साथ पांच ठिकानों पर छापेमारी, 13 युवतियां और एक युवक हिरासत में, पुलिस ने किया गिरोह का भंडाफोड़

पटनाः सोमवार रात राजधानी पटना के दानापुर इलाके में छापेमारी की गई। साइबर थाना पुलिस ने साइबर ठगी से जुड़े पांच कार्यालय पर छापेमारी की और एक बड़े सांगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया। इस कार्रवाई में 13 युवतियों और एक युवक को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने इनके पास से दर्जनभर लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल ठगी के लिए किया जा रहा था।

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पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह राजधानी के अलग-अलग इलाकों में किराये के मकानों में कार्यालय खोलकर साइबर ठगी का नेटवर्क चला रहा था। छापेमारी रूपसपुर थाना क्षेत्र के मनोकामना मंदिर के पास, रुकनपुरा के वेदनगर, गोला रोड, राम जयपाल नगर और सगुना मोड़ के समीप स्थित किराये के मकानों में की गई। वेदनगर से छह, राम जयपाल नगर से पांच और सगुना मोड़ के पास स्थित निजी मकान से दो युवतियों को हिरासत में लिया गया।

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वेदनगर स्थित साइबर ठगी से जुड़े कार्यालय का संचालन दानापुर निवासी धर्मेंद्र कुमार कर रहा था। पुलिस के अनुसार, उसने करीब दो महीने पहले दो कमरों का फ्लैट किराये पर लिया था, जहां छह युवतियों को ठगी के काम में लगाया गया था। ये युवतियां शहर के अलग-अलग इलाकों से रोज सुबह लगभग 10 बजे कार्यालय पहुंचती थीं और शाम छह बजे तक काम करती थीं। इसके बदले उन्हें नियमित वेतन दिया जाता था।

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पूछताछ में युवतियों ने बताया कि उन्हें सरकारी योजनाओं के नाम पर लोगों को फोन करने का निर्देश दिया गया था। वे किसान सम्मान निधि योजना, वृद्धा पेंशन योजना और सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का हवाला देकर लोगों को झांसे में लेती थीं। इसके बाद पीड़ितों के मोबाइल पर ओटीपी भेजवाकर उनके बैंक खातों से रुपये निकाल लिए जाते थे। इस पूरे नेटवर्क का संचालन एक सरगना द्वारा किया जा रहा था, जो फिलहाल फरार है।

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पुलिस अधिकारियों के अनुसार, साइबर थाना को इस रैकेट की जानकारी रविवार को ही मिल गई थी। इसके बाद सभी संदिग्ध ठिकानों के आसपास निगरानी शुरू की गई और पुख्ता सबूत मिलने पर सोमवार की रात एक साथ कार्रवाई की गई। छापेमारी के दौरान दो कार्यालयों से आरोपी भागने में सफल हो गए, जबकि तीन जगहों से पुलिस ने आरोपियों को पकड़ लिया।पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह का सरगना आकाश कुमार है, जो अभी फरार चल रहा है। हिरासत में ली गई युवतियों से गहन पूछताछ की जा रही है, ताकि गिरोह के नेटवर्क, ठगी की रकम और अन्य सहयोगियों के बारे में विस्तृत जानकारी मिल सके। युवतियों की निशानदेही पर पुलिस ने वेदनगर से धर्मेंद्र कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया है।फिलहाल पुलिस हिरासत में लिए गए सभी आरोपियों का पूरा विवरण जुटा रही है। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और इसके तार अन्य जिलों से भी जुड़े हो सकते हैं। मामले की जांच जारी है और फरार सरगना की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

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