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झारखंड शराब घोटाला में कारोबारी नवीन केडिया के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी, ACB की कार्रवाई

Navin-KEDIA

झारखंड में शराब घोटाला मामले में भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत जांच कर रही एसीबी ने छत्तीसगढ़ के शराब कारोबारी नवीन केडिया के विरुद्ध लुक आउट नोटिस जारी करवाया है। सीबीआई के माध्यम से सभी एयरपोर्ट को यह नोटिस जारी किया गया है कि नवीन केडिया जहां भी दिखे, उसे वहीं रोकें। अगर वह देश में है तो अब देश से बाहर नहीं भाग सकेगा।

हालांकि, सूचना यह भी है कि वह देश से बाहर भाग चुका है। गिरफ्तारी नहीं होने की स्थिति में एसीबी उसे कानूनी तौर पर तीन नोटिस करेगी और उसके बाद उसके विरुद्ध एसीबी स्थित रांची की विशेष अदालत से नवीन केडिया के घर की कुर्की-जब्ती के लिए अनुमति लेगी।

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एसीबी ने नवीन केडिया को गोवा में आठ जनवरी को स्पा सेंटर में मसाज कराते वक्त पकड़ा था। उसे ट्रांजिट रिमांड के लिए गोवा की अदालत में प्रस्तुत किया गया था, जहां से उसे चार दिनों के लिए ट्रांजिट बेल मिला था। उसे 12 जनवरी की शाम तक तक हर हाल में रांची स्थित एसीबी के अनुसंधानकर्ता के सामने उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था।

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इस ट्रांजिट बेल के दौरान नवीन केडिया गोवा से निकलने के बाद फरार हो गया। 12 जनवरी तक जब वह एसीबी रांची के अनुसंधानकर्ता के सामने नहीं पहुंचा तो एसीबी के अधिकारियों की एक टीम उसके छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के बिलासपुर स्थित आवास व उसके शराब फैक्ट्री में छापेमारी की, लेकिन उसका कहीं कोई सुराग नहीं मिला।

गोवा की अदालत ने उसे इस शर्त पर ट्रांजिट बेल दिया था कि वह देश छोड़कर नहीं जाएगा। उसे 12 जनवरी तक का ट्रांजिट बेल था और उसे इस अवधि में एसीबी रांची के अनुसंधानकर्ता के सामने उपस्थित होना था। उसने न्यायालय के आदेश की भी अवमानना की है, जो एक गंभीर अपराध है।

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छत्तीसगढ़ के यह शराब कारोबारी ने झारखंड में पूर्व की उत्पाद नीति के दौरान देसी शराब की आपूर्ति की थी। वह शराब कंपनी छत्तीसगढ़ डिस्टिलरी का संचालक है।आरोप है कि उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के पूर्व प्रधान सचिव विनय कुमार चौबे के कार्यकाल में उसने झारखंड में बेखौफ होकर देसी शराब की आपूर्ति की। उसने जिस देसी शराब की आपूर्ति की थी, वह निम्न गुणवत्ता की थी। उक्त शराब में शीशे के कण मिले थे।

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हाल के एक वर्ष के भीतर एसीबी ने शराब घोटाला मामले में गिरफ्तारी पर खूब जोर दिया। ताबड़तोड़ गिरफ्तारियां हुईं। गिरफ्तारी के बाद आरोपित 90 दिनों तक जेल में रहे, लेकिन एसीबी ने उनपर चार्जशीट नहीं की। इसका असर यह हुआ कि सबको डिफाल्ट बेल मिलता चला गया।

एक-एक कर सभी आरोपित जेल से बाहर होते गए। पूर्व में जिन्हें गिरफ्तार किया, उन्हें चार्जशीट नहीं होने पर डिफाल्ट बेल मिल गया। अब एसीबी शराब कारोबारी नवीन केडिया को गिरफ्तार करने के लिए लगातार कोशिश कर रही है।

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