IndiGo पर 22 करोड़ का जुर्माना, DGCA का सबसे बड़ा एक्शन, VP को पद से हटाने के निर्देश

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January 17, 2026

IndiGo पर 22 करोड़ का जुर्माना, DGCA का सबसे बड़ा एक्शन, VP को पद से हटाने के निर्देश

डेस्कः इंडिगो फ्लाइट संकट मामले पर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय यानी डीजीसीए की जांच रिपोर्ट सामने आ गई है। रिपोर्ट में इंडिगो एयरलाइंस की बड़ी लापरवाही उजागर उजागर हुई है। डीजीसीए ने इंडिगो पर कुल 22 करोड़ 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा एयरलाइन को डीजीसीए के पक्ष में 50 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी भी जमा करनी होगी, ताकि निर्देशों का पालन और लंबे समय के लिए सिस्टम में सुधार सुनिश्चित किया जा सके।

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डीजीसीए के आदेश के मुताबिक, 50 करोड़ रुपये की इस बैंक गारंटी के तहत एक सुधार ढांचा बनाया गया है, जिसे इंडिगो सिस्टमिक रिफॉर्म एश्योरेंस स्कीम (ISRAS) नाम दिया गया है। इसका मकसद भविष्य में ऐसी अव्यवस्थाओं को रोकना है।इसके साथ ही इंडिगो पर छह अलग-अलग प्रावधानों के उल्लंघन को लेकर एकमुश्त आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है। हर उल्लंघन पर 30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस तरह कुल एकमुश्त जुर्माना 1 करोड़ 80 लाख रुपये बैठता है।

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डीजीसीए ने डिगो के शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की है।एयरलाइन के सीईओ को उड़ान संचालन और संकट प्रबंधन में समग्र निगरानी की कमी को लेकर चेतावनी दी गई है।वहीं सीनियर वाइस प्रेसिडेंट को ऑपरेशनल जिम्मेदारियों से हटाने और भविष्य में किसी भी जवाबदेह पद पर नियुक्त न करने के निर्देश दिए गए हैं।
डीजीसीए की जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि उड़ानों में भारी देरी और रद्द होने की मुख्य वजह जरूरत से ज्यादा ऑपरेशन को ऑप्टिमाइज करना, नियामकीय तैयारियों की कमी और सिस्टम सॉफ्टवेयर से जुड़ी खामियां रहीं। इसके अलावा इंडिगो के प्रबंधन ढांचे और ऑपरेशनल कंट्रोल में भी गंभीर कमियां पाई गईं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि एयरलाइन प्रबंधन समय रहते योजना की खामियों को पहचानने में नाकाम रहा। पर्याप्त ऑपरेशनल बफर नहीं रखा गया और संशोधित उड़ान ड्यूटी नियमों को ठीक से लागू नहीं किया गया। इसका नतीजा यह हुआ कि बड़ी संख्या में उड़ानें लेट हुईं और रद्द करनी पड़ीं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

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