पहड़ा राजा सोमा मुंडा की हत्या के विरोध में शनिवार को झारखंड बंद, खूंटी में निकाला गया मशाल जुलूस

पहड़ा राजा सोमा मुंडा की हत्या के विरोध में शनिवार को झारखंड बंद, खूंटी में निकाला गया मशाल जुलूस

डेस्कः आदिवासी नेता और पहड़ा राजा सोमा मुंडा की हत्या के खिलाफ आक्रोश कम होने का नाम नहीं ले रहा है। आदिवासी संगठनों ने शनिवार को झारखंड बंद का आह्वान किया है। इसी कड़ी में गुरूवार को खूंटी में मशाल जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोगों ने भाग लिया। इस दौरान हाथों में जलती मशाल और नारों के साथ प्रदर्शनकारियों ने सोमा मुंडा को न्याय दिलाने और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। मशाल जुलूस में आदिवासी महिलाओं ने बढ़ चढ़कर भागीदारी ली।

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7 जनवरी को सोमा मुंडा की गोली मारकर की थी हत्या
दरअसल, 7 जनवरी को खूंटी जिले में जमुआहा के पास आदिवासी नेता सोमा मुंडा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। सोमा मुंडा को एक प्रभावशाली आदिवासी नेता और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में जाना जाता था। उनकी हत्या को आदिवासी समाज पर सीधा हमला बताते हुए संगठनों ने इसे सुनियोजित साजिश करार दिया है।
सोमा मुंडा हत्याकांड के विरोध में उबाल
हत्या के बाद ग्रामीणों और आदिवासी संगठनों ने कई बार प्रदर्शन किया। जियारप्पा में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में हजारों आदिवासी शामिल हुए थे, यहां से आंदोलन को और तेज करने का ऐलान किया गया था।आदिवासी संगठनों ने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि यदि तय समय सीमा तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो राज्यव्यापी आंदोलन किया जाएगा।

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पुलिस जांच से संतुष्ट नहीं हैं आदिवासी संगठन
शुक्रवार को निकाले गए मशाल जुलूस के दौरान वक्ताओं ने कहा कि अब तक पुलिस जांच से वे संतुष्ट नहीं हैं। उनका आरोप है कि मामले में ढ़िलाई बरती जा रही है और प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है। इसी के विरोध में 17 जनवरी को झारखंड बंद का निर्णय लिया गया, ताकि सरकार और प्रशासन पर दबाव बनाया जा सके।
उग्र आंदोलन करने की चेतावनी
आदिवासी संगठनों ने बंद को शांतिपूर्ण रखने की अपील की है लेकिन साथ में चेतावनी भी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो आंदोलन और उग्र होगा। फिलहाल खूंटी समेत आसपास के जिलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और प्रशासन बंद को लेकर सतर्क नजर आ रहा है।
जमीन विवाद में हुई थी सोमा मुंडा की हत्या
बता दें कि सोमा मुंडा की हत्या के बाद 8 जनवरी 2026 को आक्रोशित लोगों ने खूंटी जिला बंद करा दिया था। बंद के लिए हजारों लोग सड़कों पर उतरे थे और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की थी। इस मामले में पिछले दिनों सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। एसपी ने बताया था कि पूरा कांड, जमीन विवाद को लेकर हुआ है। हालांकि अभी तक शूटर और मुख्य साजिशकर्ता की गिरफ्तारी नहीं होने से आदिवासी समाज के लोग नाराज हैं।

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