मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने की कृषि,पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक, कम वर्षापात के बाद सुखाड़ को देखते हुए योजना बनाने का दिया निर्देश

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July 17, 2026

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सभी जिलों के उपायुक्तों को दिये निर्देश, SIR के दौरान कोई भी नागरिक जानकारी के अभाव में वंचित न रह जाए

रांचीः मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक की। इस बैठक में मंत्री विभाग की मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की के साथ विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने वर्तमान समय में कम वर्षापात को गंभीरता से लेते हुए विभाग को क्षेत्र में प्रोक्योरमेंट सिस्टम विकसित करने एवं सुखाड़ को लेकर योजना तैयार करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में किसान समृद्धि योजना का लाभ, मॉडल कृषक पाठशाला, मिलेट की खेती को बढ़ावा और तकनीकी आधारित कृषि प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया। इसके साथ ही तय समय सीमा में किसानों को खाद, बीज, तकनीकी मार्गदर्शन सहित संसाधनों को लाभ किसानों को कैसे मिले इसको लेकर दिशा निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं का लाभ जन-जन तक पहुंचाने का काम सुनिश्चित किया जाए।
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मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान दुमका के जामा से किसान सुरेश मरांडी से भी वीडियो कॉल के माध्यम से बात की और उनसे विभाग द्वारा मिल रहे योजनाओं की जानकारी ली। समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को गांव और पंचायत स्तर को केंद्र में रखते हुए कार्ययोजना के साथ प्रभावी ढंग से आगे बढ़ने हेतु निर्देश दिए।


बीज वितरण, झारखंड मिलेट मिशन, किसान पाठशाला, किसान समृद्धि योजना अंतर्गत सोलर पंप सेट, पशुधन योजना, उद्यान क्षेत्र में फोकस, दलहन एवं तिलहन की खेती को प्राथमिकता देते हुए कार्यों में तेजी लाने के साथ-साथ एल नीनो के संभावित प्रभावों का आंकलन करने जैसे भी कई दिशा-निर्देश दिए।
साथ ही निर्देश दिया कि कृषि विभाग के अंतर्गत सभी निदेशालय आपसी समन्वय के साथ अपनी तैयारियों को मजबूत करने का काम करें। विभाग को यह भी निर्देश दिया कि रेन शैडो एरिया के लिए अलग टीम गठित कर वहां दलहन एवं तिलहन की खेती को बढ़ावा देने की कार्ययोजना पर विशेष रूप से काम करें।
पशुपालन निदेशालय को भी अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव लाते हुए बड़े लक्ष्य के साथ कार्ययोजना तैयार करने और ऐसी पहल करने को कहा जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा मिल सके। कुछ क्षेत्रों में हमने अच्छी प्रगति की है, लेकिन अभी भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। हमारी प्राथमिकता है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और खेती-किसानी को अधिक सशक्त, टिकाऊ एवं लाभकारी बनाया जाए।

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