टाटानगर स्टेशन के पुनर्विकास और विस्तारीकरण की राह में बाधा बन रही अतिक्रमण की दीवार अब ढहने वाली है। रेलवे प्रशासन शुक्रवार को स्टेशन के ठीक सामने बागबेड़ा टीओपी के पास स्थित लीज भूमि को सख्ती से खाली कराएगा।
इस कार्रवाई की जद में करीब 60 दुकानें आएंगी। कोर्ट में मामला विचाराधीन रहने और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद रेलवे ने अब आर-पार के मूड में कार्रवाई की तैयारी कर ली है।
रेलवे इंजीनियरिंग विभाग के अनुसार, लीज एरिया में आवंटित इन दुकानों को हटाने के लिए विभाग ने काफी संयम बरता। संबंधित दुकानदारों को एक या दो नहीं, बल्कि पांच बार नोटिस भेजकर जगह खाली करने का निर्देश दिया गया था।
आंध्र प्रदेश में व्यक्ति ने मुर्गे की लड़ाई में जीते 1.53 करोड़ रुपये, एक रात में करोड़पति बना शख्स
इसके बावजूद दुकानदार वहां डटे रहे। नोटिस की मियाद खत्म होने और उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद अब शुक्रवार को बुलडोजर के जरिए जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। अभियान के दौरान रेलवे पुलिस और स्थानीय प्रशासन मुस्तैद रहेगा।
टाटानगर स्टेशन को विश्वस्तरीय बनाने की योजना पर काम चल रहा है। स्टेशन के बाहरी हिस्से (सर्कुलेटिंग एरिया) को चौड़ा करने, पार्किंग व्यवस्था सुधारने और स्टेशन के सुंदरीकरण के लिए रेलवे को अपनी इस जमीन की सख्त दरकार है।
स्टेशन के मुख्य द्वार के सामने और बागबेड़ा टीओपी के आसपास का यह इलाका काफी समय से अतिक्रमण की चपेट में था। इस कार्रवाई से स्टेशन क्षेत्र में लगने वाले जाम से भी राहत मिलने की उम्मीद है। शुक्रवार सुबह से ही अभियान शुरू होने की संभावना है, जिसे लेकर दुकानदारों में हड़कंप मचा हुआ है।
आवास बोर्ड सख्त: पटना में 750 से अधिक फ्लैट पर अवैध कब्जा, खाली करने का फरमान




