धनबाद रिंग रोड़ घोटाला मामले में ACB की रेड, कई अधिकारियों को किया गया गिरफ्तार

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January 9, 2026

धनबाद रिंग रोड़ घोटाला मामले में ACB की रेड, कई अधिकारियों को किया गया गिरफ्तार

धनबादः एसीबी की टीम ने करीब 10 साल के बाद धनबाद रिंग रोड़ घोटाला मामले में बड़ी कार्रवाई की है। एसीबी की टीम ने इस घोटाला के मामले में करीब एक दर्जन अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। 2015 में रमेश राही ने इस मामले को लेकर एफआईआर दर्ज कराई थी।एसीबी ने इस मामले में 17 लोगों को गिरफ्तार किया है। धनबाद, रांची, दुमका, गिरिडीह, देवघर में छापेमारी की। इस घोटाले में 34 लोगों पर मामला दर्ज किया गया था।

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जमीन अधिग्रहण, नामांतरण, मुआवजा भुगतान में गड़बड़ी कर करोड़ों रुपये का घोटाला किया गया। पिछले 10 सालों से एसीबी इस मामले में कोई बड़ी कार्रवाई नहीं कर पाई थी। इस भूमि घोटाले को लेकर स्थानीय लोगों ने कई बार आंदोलन भी किया था। इस मामले ने एसीबी ने अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की अनुमति मांगी थी। अनुमति मिलने के बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दर्जन भर अधिकारियों को गिरफ्तार किया है।

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इस मामले में एफआईआर दर्ज करने वाले रमेश राही ने इस घोटाले को लेकर बताया था कि धनबाद जिले में भूमि संबंधी अभिलेखों में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं से जनमानस परेशान है। अंचल, बंदोबस्त, निबंधन कार्यालयों के कर्ताधर्ताओं की कार्यशैली की वजह से भूमि के रैयत परेशान है और लुटेरे मालोमाल हैं। राजस्व, निबंधन और भूमि सुधार विभाग से जुड़े कार्यालयों के अधिकारियों की कारगुजारियों के नित्य-नये कारनामें प्रदर्शित हो रहे हैं।

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धनबाद में रिंग रोड निर्माण को लेकर राज्य सरकार द्वारा रैयतों की भूमि अधिग्रहित की गई। रैयतों को भूमि के मुआवजा भुगतान में भारी गड़बड़ी की गई। एक अनुमान के मुताबिक मुआवजा भुगतान में 300 करोड़ तक की गड़बड़ी का आरोप है। 2014 में मामला उजागर होने के बाद राज्य सरकार ने पूरे मामले की जांच तब निगरानी ब्यूरो और अब एसीबी को सौंप दी। प्रारंभिक जांच में भी गड़बड़ी की पुष्टि हुई। तत्कालीन जिला भू अर्जन पदाधिकारी उदयकांत पाठक, लाल मोहन नायक सहित कई अन्य अधिकारी निलंबित भी हुए। नायक निलंबन अवधि में ही अब रिटायर भी हो चुके हैं। लेकिन अग्रेतर कार्रवाई के क्रम में एसीबी ने इन अधिकारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने से पहले अनुमति की मांग की थी।

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