महेंद्र सिंह धोनी की वो अधूरी प्रेम कहानी, जिस गर्लफ्रेंड से करते थे बेपनाह मोहब्बत, अंजाम तक पहुंचने से पहले हो गई खत्म!

MS-Dhoni

MS Dhoni Love Story: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज कप्तान महेंद्र सिंह धोनी अपनी पर्सनल लाइफ को प्राइवेट रखना पसंद करते हैं। यहां तक की धोनी सोशल मीडिया पर भी अब ज्यादा एक्टिव नहीं रहते हैं। इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट के बाद धोनी अपना ज्यादातर समय अपने होमटाउन रांची में बिताते हैं। यहीं पर धोनी अपने फार्महाउस में अपने बाइक, पेट्स और ऑर्गेनिक खेती-बाड़ी में मन लगाते हैं।

इसके बावजूद धोनी को लेकर फैंस में क्रेज कम नहीं हुआ है। धोनी बेशक क्रिकेट के मैदान से दूर हो गए हैं, लेकिन फैंस में उनके बारे में जानने की उत्सुकता कम नहीं हुई है। धोनी फिलहाल आईपीएल में चेन्नई सुपरकिंग्स के लिए खेल रहे है। आईपीएल के अलावा धोनी कभी-कभी किसी आयोजन में अपनी वाइफ साक्षी और बेटी जीवा के साथ दिख जाते हैं, लेकिन बहुत कम लोगों को पता है कि धोनी की शादी से पहले एक गर्लफ्रेंड भी थी, जिससे वह बेपनाह मोहब्बत करते थे।

1 करोड़ का इनाम, 131 से ज्यादा जवानों की हत्या; हिडमा की मौत के बाद नक्सली कमांडर देवजी गिरफ्तार

- Advertisement -
LD-advertisement

अंजाम तक नहीं पहुंच पाया था धोनी प्यार

महेंद्र सिंह धोनी की लवस्टोरी बहुत ही मार्मिक है। उनके लव लाइफ के बारे में उनके बायोपिक में दिखाया गया है। धोनी प्रियंका झा नाम की एक लड़की से बेपनाह मोहब्बत करते थे। ये बात तब की है जब धोनी को भारतीय टीम में जगह नहीं मिली थी। धोनी और प्रियंका एक-दूसरे से शादी करना चाहते हैं।

- Advertisement -
royal-soler-new

धोनी भावनात्मक रूप तौर पर प्रियंका से जुड़े थे, क्योंकि प्रियंका ने धोनी को उस समय सहारा दिया था, जब वह अपने करियर को बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे। हालांकि, धोनी की किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। धोनी का चयन साल 2002-03 में इंडिया ए के लिए हुआ था और वह जिम्बाब्वे और केन्या दौरे पर गए थे।

सालों से थी नजर, फिर 4 घंटे में कैसे मार गिराया; 10 प्वाइंट में समझें हिडमा के खात्मे की कहानी

इसी दौरान भारत में धोनी की गर्लफ्रेंड प्रियंका की एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। धोनी जब वापस लौटे तो उन्हें इस बारे में पता चला। इस घटना से धोनी को गहरा सदमा, लेकिन धोनी ने खुद किसी तरह संभाला और प्रियंका के सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने मेहनत करना नहीं छोड़ा।

नतीजा ये हुआ कि उन्हें साल 2004 में बांग्लादेश के खिलाफ वनडे सीरीज में पहली बार भारतीय टीम के लिए खेलने का मौका मिला। अपने डेब्यू मैच में तो वह शून्य पर आउट हो गए, लेकिन उसके बाद जो उन्होंने भारतीय क्रिकेट के लिए वह इतिहास बन गया।

NDA विधायक दल की बैठक चुना जाएगा नेता, नीतीश कुमार कल लेंगे सीएम पद की शपथ

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now