रांचीः झारखंड हाईकोर्ट ने वर्ष 2024 के झारखंड विधानसभा चुनाव के दौरान तथ्य छुपाने के आरोप में दायर एक चुनाव याचिका पर रिकार्ड समय में सुनवाई पूरी कर फैसला सुनाया है। इस मामले में प्रतिवादी मनिका विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित विधायक रामचंद्र सिंह को बड़ी राहत मिल गयी है। उनके निर्वाचन को चुनौती देनेवाली हरिकृष्ण सिंह की चुनाव याचिका को हाईकोर्ट के जस्टिस अरुण कुमार राय की अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद खारिज कर दिया।
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अदालत ने कहा कि वर्तमान मामले में याचिका निर्धारित 45 दिनों की अवधि से बहुत बाद में दायर की गयी है। चुनाव याचिका दायर करने में देरी को अदालत न तो बढ़ा सकता है और न ही माफ कर सकता है। अदालत ने इस याचिका को सुनवाई योग्य नहीं माना। कहा कि कानून के मुताबिक, चुनाव परिणाम जारी होने के 45 दिनों के अंदर ही चुनाव याचिका दायर की जा सकती है। प्रार्थी हरिकृष्ण सिंह ने 98 दिनों की देरी से चुनाव याचिका 15 अप्रैल 2025 दायर की।
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झारखंड विधानसभा के चुनाव का परिणाम 23 नवंबर 2024 को आया था। इससे पूर्व प्रतिवादी की ओर से अधिवक्ता एलसीएन शाहदेव ने बहस की। प्रार्थी हरिकृष्ण सिंह ने चुनाव याचिका दायर की थी। उन्होंने मनिका के निर्वाचित कांग्रेस विधायक रामचंद्र सिंह के निर्वाचन को चुनौती दी थी। उनका आरोप था कि रामचंद्र सिंह ने अपने नामांकन पत्र में पत्नी के नाम 1.38 एकड़ में स्टोन क्रशर के बारे में कोई जानकारी नहीं दी थी।




