पटनाः बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सीट शेयरिंग को लेकर नाराज बताए जा रहे है। उन्होंने दो करीबी नेता जिनमें एक केंद्रीय मंत्री और एक सांसद हैं उन्हें जमकर फटकार लगाई है। नीतीश कुमार बिहार विधानसभा चुनाव में अपने पसंद की सीट नहीं मिलने पर नाराज है इस वजह से सोमवार को होने वाले एनडीए के संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस को टाल दिया गया। जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार ने पार्टी की सीट 103 से 101 किये जाने पर खुलकर नाराजगी जाहिर की।
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सोमवार को नीतीश कुमार की नाराजगी जाहिर किये जाने के बाद बीजेपी और जेडीयू के नेताओं की मीटिंग हुई। इस मीटिंग में समस्या का समाधान निकाले जाने को लेकर चर्चा की गई। नीतीश कुमार ने 101 में से 92 सीटों को लेकर सहमति जताई और 9 ऐसे सीटों को रिजेक्ट कर दिया जो जेडीयू को दी गई है।माना जा रहा है कि नीतीश कुमार 103 सीट से कम लेने को तैयार नहीं है।
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नीतीश कुमार के नाराजगी जाहिर करने के बाद आनन-फानन में प्रेस कांफ्रेंस को टाल दिया गया जो सोमवार को शाम 4 बजे होना था। मंत्री रत्नेश सदा की सीट चिराग पासवान की पार्टी के खाते में दिये जाने पर नीतीश बिफर गए। हालांकि नीतीश कुमार में सोमवार शाम को रत्नेश सदा को चुनाव लड़ने के लिए पार्टी का सिंबल दे दिया।रोसड़ा की सीट समेत कई ऐसी सीट जो नीतीश कुमार के खाते में थी उसे चिराग को दे दिया गया। इससे पहले दिनारा की सीट जहां से पूर्व मंत्री जयकुमार सिंह विधायक रह चुके है वो सीट उपेंद्र कुशवाहा को दे दी गई, इसके बाद जयकुमार सिंह समेत रोहतास जिले के कई जेडीयू पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया।नीतीश कुमार के गृह जिले राजगीर की सीट भी सीट शेयरिंग में चिराग पासवान को दे दी गई है।
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जिस तरह से नीतीश कुमार की सहमति के बिना सीटों का बंटवारा किया गया उसको लेकर जेडीयू अध्यक्ष पूरे गर्म हो गए और सोमवार दिन से लेकर शाम तक मुख्यमंत्री आवास में इसको लेकर हलचल चलती रही और राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई। जेडीयू के दो वरिष्ठ नेता इसको लेकर बीजेपी नेताओं के साथ लगातार मीटिंग करते रहे। यहीं नहीं नीतीश कुमार के करीबी मंत्री विजय चौधरी के विधानसभा क्षेत्र सरायरंजन के बगल की सीट जेडीयू को नहीं मिलने पर नीतीश नाराज हो गये।
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दरअसल, मोरवा में जेडीयू निषाद जाति से इस सीट पर उम्मीदवार उतारती रही है, हालांकि 2020 के चुनाव में इस सीट पर जेडीयू की 11 हजार वोटों से हार गई लेकिन नीतीश इस सीट को अपनी परंपरागत सीट मानते है। उजियारपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मोरवा विधानसभा सीट पर निषाद जाति से उम्मीदवार उतारने का सीधा फायदा विजय चौधरी को सरायरंजन में होता है और उनको अपने विधानसभा क्षेत्र में निषाद जाति के वोट मिलते है। लेकिन इस बार गठबंधन में ये सीट चिराग पासवान को दे दी गई। कहां तो ये भी जा रहा है कि नीतीश के दो करीबी मिलकर उनके तीसरे करीबी को निपटाने के चक्कर में थे लेकिन जेडीयू अध्यक्ष ने इसे भांप लिया और उस सीट को वापस जेडीयू को देने की जिद्द कर बैठे है। बात यही नहीं खत्म हुई है जेडीयू की सीट तारापुर बीजेपी के पास चली गई है जहां से उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के चुनाव लड़ने की बाते कही जा रही है, कहा तो ये जा रहा है कि 16 अक्टूबर को सम्राट चौधरी वहां नामांकन करेंगे। तारापुर से अभी जेडीयू के राजीव कुमार सिंह विधायक है जो 2021 में मेवालाल चौधरी के निधन के बाद हुए उपचुनाव में जीतकर आये थे।




