डेस्कः देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को गिरफ्तार करने वाले सीबीआई के पूर्व संयुक्त निदेशक एनके सिंह(निर्मल कुमार सिंह) का 81 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। ब्रेन हैमरेज के कारण दिल्ली के एक अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। वे अपनी ईमानदारी और बेबाकी के लिए जाने जाते थे। 4 अक्टूबर को दिल्ली में टहलने के दौरान सड़क पर गिरने से उन्हें सिर पर गंभीर चोट लग गई थी। उनका जमशेदपुर से गहरा नाता था।वो मधेपुरा जिले के कुमारखंड के रहने वाले थे, जहां पर अब उनका स्टाफ रहता है।
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एनके सिंह उस वक्त पूरे देश में चर्चा का केंद्र बन गए, जब 3 अक्टूबर, 1977 को उन्होंने जीप घोटाले के एक मामले में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को गिरफ्तार कर लिया था। उस समय केंद्र में मोरारजी देसाई की सरकार थी। गिरफ्तारी का आधार 1977 के आम चुनाव में रायबरेली के दौरान 100 जीपों की खरीद और एक फ्रांसीसी कंपनी को अनुबंध देने से हुए 11 करोड़ रुपए के राजस्व नुकसान को बनाया गया था।
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एनके सिंह 1961 बैच के आईपीएस अधिकारी थे। उन्होंने अपने करियर में दिल्ली के डीजीपी और सीबीआई के ज्वाइंट डायरेक्टर के रूप में भी कार्य किया है। वो वर्ष 1994 में आईएएस अधिकारी (सीबीआई में जॉइंट डायरेक्टर और दिल्ली के पुलिस महानिदेशक) के पद से रिटायर्ड हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और समता पार्टी और बाद में जदयू से जुड़े रहे। समता पार्टी से उन्होंने मधेपुरा लोकसभा सीट से चुनाव भी लड़ा था।
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पंडित जवाहरलाल नेहरू से थे प्रभावित: सेवानिवृत्ति के बाद एनके सिंह ने खारा सच, द प्लेन ट्रुथ और हॉल ट्रुथ नामक तीन पुस्तकें भी लिखीं। द प्लेन ट्रुथ में उन्होंने सीबीआई में अपने अनुभव साझा किए हैं, जबकि हॉल ट्रुथ में अपनी जीवन यात्रा का वर्णन किया है। उन्होंने अपनी आत्मकथा में लिखा कि उनके जीवन पर दो व्यक्ति पंडित जवाहरलाल नेहरू और जमुई के स्वतंत्रता सेनानी श्याम प्रसाद सिंह का गहरा प्रभाव रहा।
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छठ पर आने की कहकर गए थे बात: एनके सिंह हर साल दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ पर्व के अलावा और भी मौके पर गांव आते थे। वो इस साल छह जून को चचेरे भाई प्रेम शंकर सिंह की बरसीं में अंतिम बार गांव आए थे। गांव से वापस जाने के दौरान कहकर गए थे कि अब छठ पर्व में आऊंगा, लेकिन अब वह कभी गांव नहीं आएंगे। एनके सिंह की पत्नी का निधन लगभग दस साल पहले हो चुका है, जबकि बेटे पप्पू कुमार सिंह की भी सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई है। वर्तमान में एनके सिंह अपने बेटे प्रदीप कुमार सिंह, बहू और नाती-नातीन के साथ दिल्ली में रहते थे।
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पूरा परिवार था शिक्षित: एनके सिंह का परिवार शैक्षणिक परिवार है। उनके पिता सुरेश नारायण सिंह जमींदार और कोर्ट में मुख्तार थे। एनके सिंह के घर में दो आईएएस अधिकारी रह चुके हैं। एनके सिंह चार भाई थे और एक बहन। छोटे भाई बीके सिंह (बिमल कुमार सिंह) का एक महीना पहले ही निधन हुआ था। बीके सिंह से छोटे भाई कमल कुमार सिंह का 90 साल की उम्र में ही निधन हो गया था। बीके सिंह पश्चिम बंगाल के डीजीपी से रिटायर्ड अफसर थे। फिलहाल सबसे छोटे भाई सुशील कुमार सिंह और बहन शैल देवी स्वस्थ हैं।





