डेस्कः यूपी के प्रयागराज जिले में झारखंड के कुख्यात अपराधी आशीष रंजन से बुधवार देर रात शंकरगढ़ इलाके में पुलिस मुठभेड़ हो गई। इस दौरान अपराधी आशीष ने स्पेशल टास्क फोर्स एसटीएफ की टीम पर एके 47 से फायरिंग की। जवाबी फायरिंग में पुलिस ने घायल कर पकड़ लिया। उसे अस्पताल में कराया है। बताया जा रहा है कि वह किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में था।
एसटीएफ प्रयागराज टीम को सूचना प्राप्त हुई कि कई हत्याओं का वांछित माफिया अपराधी आशीष रंजन उर्फ छोटू सिंह निवासी जे सी मल्लिक रोड, धनबाद, झारखंड अपने साथी के साथ शिवराजपुर चौराहा थाना शंकरगढ़ प्रयागराज के रास्ते प्रयागराज जाने वाला है जहां किसी बड़ी घटना को अंजाम देने वाला है।
इस सूचना पर प्रयागराज टीम द्वारा घेराबंदी कर शिवराजपुर चौराहा थाना शंकरगढ़ के नजदीक घेराबंदी का पकड़ने का प्रयास किया गया। इस दौरान उसने पुलिस टीम पर जान से मारने की नियत से AK 47 और पिस्टल से फायर किया। जिससे प्रयागराज के तीन कर्मचारी व अधिकारी जेपी राय प्रभंजन व रोहित बाल बाल बच्चे आत्मरक्षार्थ की गई फायरिंग में आशीष घायल होकर गिर गया।इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर तत्काल नजदीकी अस्पताल में भेजा। मौके से षएक-47 राइफल वह 9 एमएम पिस्टल वह भारी मात्रा में जिंदा हुआ खोखा कारतूस तथा एक मोटरसाइकिल बरामद हुई ।आपको बता दें कि इससे पहले कुख्यात अपराधी आशीष रंजन के घर पर पुलिस सरेंडर करने के लिए नोटिस चिपकाया गया था। आशीष रंजन कई आपराधिक मामलों में फरार चल रहा था और उस पर इनाम घोषित था।
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पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस को आशीष रंजन की लंबे समय से तलाश थी। आशीष झारखंड के धनबाद जिले का रहने वाला है। वह कई हत्याओं में वांछित था। बुधवार रात पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आशीष रंजन अपने साथी के साथ शिवराजपुर होते हुए प्रयागराज की ओर जा रहा है। इसके बाद शंकरगढ़ पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने बिना किसी देरी के उसे घेर लिया और गिरफ्तार करने की कोशिश की, लेकिन उसने वहीं से फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की। जिसमें आशीष रंजन घायल हो गया। उसका साथी भी घायल हुआ है। उसके पास से एके 47, पिस्टल और भारी मात्रा में जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस ने दोनों अपराधियों को अस्पताल में भर्ती कराया है। जहां उनका इलाज चल रहा है। इलाज के बाद पुलिस उनसे पूछताछ करेगी, जिससे कई और हत्याओं का राज खुलने की उम्मीद है। पुलिस के मुताबिक, आशीष अपने साथी के साथ प्रयागराज में कोई बड़ी वारदात करने वाला था, लेकिन समय रहते उसे दबोच लिया गया। इससे एक बड़ी वारदात टल गई।
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आशीष के खिलाफ दर्ज हैं कई मामले
गैंगस्टर आशीष रंजन पर धनबाद के नीरज हत्याकांड और लाला हत्याकांड जैसे कई मामलों में केस दर्ज है। आशीष रंजन उर्फ छोटू सिंह मूल रूप से धनबाद का रहने वाला है और धनबाद जेल में बंद होने के बाद भी वह अपना बाहुबल बरकरार रखने में कामयाब रहा। पुलिस के मुताबिक, आशीष यूपी और बिहार में सक्रिय था और कई आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे चुका था।
पुलिस ने मौके से एक एके-47 राइफल, भारी मात्रा में जिंदा कारतूस, एक 9 एमएम पिस्टल और घटना में शामिल एक मोटरसाइकिल बरामद की है और आरोपियों से पूछताछ कर रही है। एसटीएफ प्रभारी जेपी राय की संयुक्त टीम ने आशीष को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
अमन सिंह की हत्या की भी ली थी जिम्मेदारी
वहीं, आपको बता दें कि 12 मई 2021 को धनबाद के वासेपुर में जमीन कारोबारी सरफुल हसन की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में भी आशीष रंजन आरोपी है और फरार था। आशीष रंजन पर झरिया के टायर व्यवसायी रंजीत सिंह की हत्या का भी आरोप है। उस पर रंगदारी मांगने और अमन सिंह की हत्या का आरोप है। लेकिन कुछ महीने बाद ही वह अमन सिंह के खिलाफ हो गया था।अमन सिंह की हत्या के बाद उसने एक ऑडियो जारी कर इसकी जिम्मेदारी ली थी। जेल में बंद अमन हत्याकांड के तीनों आरोपियों ने पुलिस के सामने स्वीकार किया था कि आशीष रंजन के कहने पर उन्होंने हत्या की थी।
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आशीष रंजन के खिलाफ धनबाद जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में रंगदारी, बमबाजी, हत्या समेत जानलेवा हमले के मामले दर्ज हैं
- गैंगस्टर अमन सिंह की 3 दिसंबर 2023 को धनबाद जेल में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आशीष रंजन उर्फ छोटू सिंह ने सोशल मीडिया पर ऑडियो वायरल कर अमन की हत्या की जिम्मेदारी ली थी। बाइक चोरी के आरोप में जेल में बंद सुंदर उर्फ रितेश यादव ने 3 दिसंबर 2023 को अमन सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। उसकी हत्या का मास्टरमाइंड आशीष रंजन था। आशीष रंजन के इशारे पर ही अमन सिंह की हत्या की गई थी।
- वहीं सरायढेला के जमीन कारोबारी समीर मंडल की हत्या हुई थी। जिसमें आशीष पहली बार जेल गया था।
- 12 मई 2021 को सरफुल हसन उर्फ लाला की हत्या में भी उसका नाम आया था।




