पटनाः राजधानी पटना में रविवार रात और सोमवार को हुई बारिश से हाल बेहाल हो गया। जलजमाव से पटना के लोग परेशान रहे। सोमवार को हुई बारिश की वजह से राजधानी पटना पानी-पानी हो गया। कई इलाके तालाब और झील में बदल गए हैं। इसकी वजह से लोगों को भारी परेशानी हुई है। अनुमान जताया गया है कि पटना में अगले 1-2 दिनों तक रूक-रूक कर बारिश हो सकती है।पूसा स्थित ग्रामीण मौसम विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक डॉ. ए सत्तार ने बताया है कि मानसून फिलहाल दक्षिण बिहार में काफी मजबूत स्थिति में है। उत्तर बिहार में आते-आते यह कमजोर पड़ जा रहा है। इससे बारिश हो रही है। मुजफ्फरपुर जिले मंगलवार को भी गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना बन रही है।
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मौसम विभाग के मुताबिक, आज 7 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है। मंगलवार को जमुई, बांका, भागलपुर और अररिया जिले कई स्थानों पर बहुत भारी बारिश को लेकर ऑरेज अलर्ट है। इसके अलावा जमुई, नवादा और मुंगेर जिले के एक-दो स्थानों पर भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट है। दक्षिण बिहार के जिलों के एक या दो स्थानों पर ठनका व बिजली गिरने के साथ ही 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने का अनुमान है और इसे लेकर भी येलो अलर्ट जारी किया गया है। अगले 3 से 5 दिनों तक बिहार के विभिन्न हिस्सों में मध्यम वर्षा के साथ-साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश के आसार है। मौसम विभाग ने बताया है कि मौजूदा वर्ष कृषि कार्यों के लिए अनुकूल है। खरीफ फसलों की बुआई तथा उनकी प्रारंभिवक वृद्धि को गति मिलेगी।
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भागलपुर जिले में सोमवार को बारिश से मौसम सुहाना हो गया। सोमवार को बारिश 62 एमएम दर्ज की गई। अधिकतम तापमान में भी गिरावट देखी गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 30 जुलाई तक बादल छाए रहने के साथ एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। यह जानकारी बीएयू के ग्रामीण कृषि मौसम सेवा के नोडल अधिकारी डॉ. बीरेंद्र कुमार ने दी। मौसम वैज्ञानिक डॉ. नेहा पारिक ने किसानों को सलाह दी है कि वे नीची और मध्यम जमीन में धान की तैयार पौध की रोपाई कर सकते हैं।




