रांचीः राजधानी रांची के अस्पताल में ऑपरेशन के चार दिन बाद भी मरीज को होश नहीं आने पर खूब हंगामा हुआ है। रातू थाना क्षेत्र स्थित अमृत अस्पताल में पथरी के इलाज के लिए भर्ती हुई महिला मरीज को ऑपरेशन के चार दिन बाद भी होश नहीं आया। परिजनों ने इस बात की जानकारी अस्पताल के डॉक्टर को दी, इसके बाद डॉक्टर अस्पताल छोड़कर फरार हो गया। डॉक्टर के फरार होने की सूचना के बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया।
महिला मरीज की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर की लापरवाही से मरीज अब तक बेहोशी की हालत में है, जबकि ऑपरेशन करने वाला डॉक्टर मौके से फरार है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए रातू थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराया।
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विशेषज्ञ डॉक्टरों के अनुसार इस तरह के मामले में रिकवरी की उम्मीद काफी कम हो जाती है। इसमें एनेस्थीसिया का मुख्य रोल होता है और अगर इसका डोज अधिक हो जाए तो मरीज की मुश्किलें बढ़ सकती है।इधर, सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि अगर लिखित शिकायत मिलती है तो जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस तरह के मामले में डाक्टरों को अपनी जिम्मेवारी से भागना सही नहीं है।
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शनिवार को ही हुआ था ऑपरेशन :
बताया गया कि रामगढ़ जिले के रजरप्पा थाना क्षेत्र अंतर्गत मायल गांव निवासी तिजु साव ने अपनी पत्नी रूपा देवी (उम्र 38 वर्ष) को 18 जुलाई को अमृत अस्पताल में पथरी (स्टोन) की सर्जरी के लिए भर्ती कराया था।परिजनों के अनुसार 19 जुलाई को डॉक्टर सुशील कुमार ने लेजर तकनीक से ऑपरेशन किया, लेकिन ऑपरेशन के बाद से ही रूपा देवी को होश नहीं आया है। हंगामा के दौरान डॉक्टर फरार हो जाने के बाद स्वजन और आक्रोशित हो गए।इस संबंध में मरीज के पति तेजू माहतो ने रातू थाना में अस्पताल एवं डॉक्टर के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज की है, पुलिस मामले की जांच कर रही है।




