यूपी में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कटिबद्ध योगी सरकार ने महिला रिक्रूटों की तकलीफों को गंभीरता से लिया। पीएसी और पीटीएस की गंदगी का पूरी तरह से सफाया कर दिया। बुधवार की सुबह रिक्रूटों ने विरोध किया तो रात होते-होते पीटीएस के डीआईजी रोहन पी कनय, कमांडेंट आनंद कुमार पर गाज गिर गई।
वहीं आरटीसी प्रभारी को सस्पेंड किया जा चुका है। शासन ने अविवाहित प्रशिक्षु महिला आरक्षियों का प्रेग्नेंसी टेस्ट कराए जाने के विवादित आदेश जारी किए जाने पर गोरखपुर पीटीएस (पुलिस ट्रेनिंग स्कूल) के डीआईजी/प्रधानाचार्य रोहन पी.कनय को हटा दिया है। उन्हें प्रतीक्षारत रखा गया है।
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दरअसल, पीटीएस में रिक्रूट के आने के साथ ही विवाद शुरू हो गया था। अविवाहित की प्रेग्नेंसी जांच का आदेश देने से ही रिक्रूट नाराज हो गई थी। डीआईजी रोहन पी ने सीएमओ को इसके लिए पत्र भी जारी कर दिया था। मामला तुल पकड़ा तो आईजी को हस्तक्षेप करना पड़ा और फिर इस मामले में डीआईजी के पत्र को निरस्त करते हुए निर्देश देना पड़ा कि नियमानुसार सिर्फ शपथ पत्र ही देना होगा।
इसी बीच फिर बिजली, पानी की समस्या को लेकर बुधवार की सुबह रिक्रूट सड़क पर उतर गई। इसके बाद भी उन्हें समझाने की जगह उन्हें धमकाने की कोशिश की गई, जिससे मामला बिगड़ गया और फिर मामला मुख्यालय तक पहुंच गया। अब योगी सरकार ने पूरे मामले में हस्तक्षेप किया गया और कई अफसरों पर गाज गिर गई।
वर्ष 2018 में देवरिया में बाल संरक्षण गृह में यौन शोषण का मामला सामने आया था। तब देवरिया के एसपी रोहन पी कनय ही थे। उस मामले में भी उनकी लापरवाही सामने आई थी और उन्हें देवरिया एसपी के पद से हटा दिया गया था। इसके बाद वह पीटीएस में तैनाती पा गए थे और एक बार फिर उनके ही कार्यकाल में रिक्रूटों का हंगामा सामने आया, जिसके बाद कार्रवाई की गई।




