पटनाः बिहार में भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। गुरूवार की सुबह-सुबह स्पेशल विजलेंस की टीम ने मद्य निषेध विभाग के डीएसपी अभय कुमार के खगड़िया स्थित आवास पर छापेमारी की है। वहीं बिहार पुलिस मुख्यालय के आर्थिक अपराध एवं साइबर अपराध प्रकोष्ठ ने सहरसा में कार्यपालक अभियंता के ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई की है।
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पटना मद्य निषेध विभाग के पुलिस उपाधीक्षक अभय कुमार के खगड़िया कृष्णपुरी स्थित आवास पर स्पेशल निगरानी विभाग की टीम ने छापेमारी की है। गुरुवार को सुबह 8 बजे से निगरानी की टीम पुलिस उपाधीक्षक के आवास पर छापेमारी कर रही है। जानकारी के अनुसार, अभय कुमार 1994 बैच में दारोगा बने थे। इन्हें मुंगेर जिले के कजरा थाना में ड्यूटी के दौरान नक्सलियों द्वारा अपहरण कर लिया गया था। काफी प्रयास के बाद उन्हें नक्सलियों के चंगुल से मुक्त कराया गया है। फिलहाल, वे पटना मद्य निषेध विभाग में DSP के पद पर तैनात हैं। हालांकि, छापेमारी की प्रशासनिक पुष्टि नहीं की गई है।

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EOU ने बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (BSEIDC), सहरसा में तैनात कार्यपालक अभियंता प्रमोद कुमार के ठिकानों पर 10 जुलाई 2025 को एक साथ छापेमारी की है।दरअरल, EOU की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि अभियंता प्रमोद कुमार के पास उनकी ज्ञात आय से 309.61% अधिक संपत्ति है। इस आधार पर आर्थिक अपराध थाना कांड संख्या 13/2025 के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। FIR 9 जुलाई को दर्ज की गई थी।
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प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, प्रमोद कुमार के खिलाफ यह जांच आय से अधिक संपत्ति (DA – Disproportionate Assets) के संदेह पर की जा रही है। इसके तहत पटना, सहरसा और सीतामढ़ी स्थित उनके आवासीय व व्यावसायिक परिसरों में एक साथ छापेमारी की गई। टीम में आर्थिक अपराध इकाई के वरिष्ठ अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और सुरक्षा बल मौजूद थे।
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छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में दस्तावेज़, ज़मीन-जायदाद के कागजात, बैंक खाते, निवेश से जुड़ी फाइलें और कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं। टीम यह भी जांच कर रही है कि यह संपत्ति प्रमोद कुमार ने अकेले अर्जित की है या किसी अन्य के साथ साझेदारी में।
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EOU के अनुसार, सभी जब्त दस्तावेजों और डिजिटल डेटा की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी, जिसके बाद इस मामले में गिरफ्तारी की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं। अगर प्रमोद कुमार दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ संपत्ति जब्ती और सेवा से निलंबन जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बिहार पुलिस मुख्यालय ने बयान में कहा है कि यह छापेमारी राज्य सरकार की ‘भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन’ नीति के तहत की गई है और आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।


