डेस्कः 6 जुलाई को पूर्णिया में आदिवासी परिवार के 5 लोगों की निर्मम हत्या के मामले को राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने काफी गंभीरता से लिया है। आयोग की सदस्य आशा लाकड़ा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि इस मामले में आयोग ने बिहार सरकार से तीन दिनों के अंदर रिपोर्ट मांगी है।
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वहीं इस मामले पर पूर्णिया के डीएम अंशुल कुमार ने कहा है कि अंशुल कुमार ने बताया, “6 जुलाई की घटना है। मारपीट के बाद 5 लोगों को रात को जला कर मारा गया है। कल पुलिस और प्रशासन ने शवों की रिकवरी कराई है, पोस्टमार्टम कराया है। FIR दर्ज़ हो गई है। मामले में 23 अभियुक्त हैं। 150-200 अज्ञात लोगों पर भी FIR हुई है। एक मुख्य अभियुक्त को गिरफ़्तार कर लिया गया है। छापेमारी की जा रही है। 3 लोग हिरासत में हैं। इसमें एक नाबालिग भी है जिसे अभिरक्षा में रखा गया है।”
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एसडीपीओ सदर पूर्णिया पंकज कुमार शर्मा ने बताया, “हमें सुबह 5 बजे सूचना मिली कि मुफस्सिल थाना क्षेत्र के एक गांव में सोनू (आयु 16) नामक व्यक्ति ने बताया कि काला जादू और जादू-टोना के नाम पर उरांव समुदाय के लोगों ने उसके परिवार के 5 सदस्यों की हत्या कर दी है। पुलिस वहां पहुंची और सभी 5 जले हुए शव बरामद किए। 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, अन्य अज्ञात हैं और उनकी तलाश की जा रही है। पूरे गांव के लोग इसमें शामिल थे।”
बिहार के पूर्णिया में आादिवासी परिवार की निर्मम हत्याकांड को राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग गंभीरता से ली है ।
मामले की गम्भीरता को देखते हुए आयोग ने बिहार सरकार से तीन दिनों में रिपोर्ट देने को कही है।
रिपोर्ट आने के पश्चायत आयोग आगे की कार्रवाई करेगी।@NitishKumar… pic.twitter.com/IaHEYuuRey— Dr. Asha Lakra (@AshaLakra79) July 8, 2025


