रांचीः खूंटी के तोरपा में बनई नदी पर बना पुल टूट गया है । झारखंड में मानसून के आगमन के साथ ही लगातार बारिश हो रही है। पिछले दो दिनों से जारी भारी बारिश का असर दिखने लगा है। 19 जून को रांची-खूंटी सहित छह जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट है। भारी बारिश की वजह से कई नदियां उफान पर है। कई जगहों से बारिश के कहर की सूचनाएं आ रही है।
खूंटी में बनई नदी पर बना पुल टूटा
झारखंड में बारिश को लेकर आज रेड अलर्ट, कई जिलों में स्कूलों को किया गया बंद, जनजीवन अस्त-व्यस्त
भारी बारिश की वजह से खूंटी जिले के तोरपा में बड़ा हादसा हो गया। तोरपा में बनई नदी पर बना पुल अचानक गिर गया। पुल के गिर जाने की वजह से आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है। जिस समय पुल गिरा उस समय इस पुल से एक ट्रक गुजर रही थी। ड्राइवर की समझदारी से ट्रक नदी में समाने से बच गया। पुल टूटते ही ट्रक के ड्राइवर ने ब्रेक लगाया और पुल के टूटे हुए हिस्से में जाकर ट्रक अचानक से रूक गई।
ट्रक ड्राइवर की जान बची
पुल टूटने के बाद इलाके का संपर्क जिले के अन्य हिस्सों से कट गया है। भारी बारिश की वजह से रांची के बेड़ो में डायवर्जन बह गया जिससे आवागमन बाधित हो गया है। लोहरदगा में भारी बारिश की वजह से शंख नदी उफान पर आ गई है। राज्य के अलग- अलग जिलों में नदियां उफान पर है। प्रशासन ने अपनी ओर से अलर्ट जारी किया हुआ है। नदियों के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी की संभावना को देखते हुए लोगों को नदी किनारे जाने से मना किया गया है और समझदारी बरतने को कहा गया है। राज्य में दामोदर, बराकर, स्वर्णरेखा सहित कई नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी देखी जा रही है और लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की गई है।
आवागमन पूरी तरह बाधित
मुरहू थाना प्रभारी रामदेव यादव ने तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू कराया। पुल के दोनों ओर बैरिकेडिंग कर दी गई है ताकि किसी और वाहन या राहगीर को नुकसान न हो। पुल के ध्वस्त हो जाने से खूंटी-सिमडेगा मुख्य मार्ग पर यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया है। प्रशासन ने लोगों से वैकल्पिक मार्गों के उपयोग की अपील की है और अनावश्यक रूप से इस रास्ते पर न आने का आग्रह किया है।
अवैध बालू ने ली पुल की जान
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह पुल लंबे समय से जर्जर स्थिति में था, लेकिन बार-बार शिकायतों के बावजूद इसकी मरम्मत नहीं कराई गई। अब भारी बारिश और नदी की तेज धार ने इस लापरवाही को उजागर कर दिया है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र में अनियंत्रित बालू उठाव पुल की कमजोरी का प्रमुख कारण रहा है।




