लोहरदगा : बॉक्साइट नगरी के रूप में विकसित लोहरदगा जिला अब दूध और आम की नगरी के रूप में भी जाना जाएगा। लोहरदगा जिले से सब्जियों का भी बहुतायत मात्रा में निर्यात दूसरे जिलों और पड़ोस के राज्यों में भी किया जाता रहा है। साथ ही लोहरदगा जिले में आम की पैदावार काफी होती है। एक सप्लाई चैन बनाकर पड़ोसी सीमावर्ती राज्यों में भी यहां के आमों की मांग होने लगे तो अगले पांच वर्षों में स्थानीय किसान बिजनेसमैन का दर्जा पा सकते हैं। किसान भावी पीढ़ी के एंटरप्रेन्योर बन सकते हैं। साथ ही यहां दुग्ध उत्पादन की भी असीम संभावनाएं हैं। लोहरदगा जिले को आने वाले दिनों में आम और दूध की नगरी बनाएंगे। उक्त बातें बतौर मुख्य अतिथि उपायुक्त डा. कुमार ताराचंद ने समाहरणालय मैदान में आयोजित आम उत्सव-सह-बागवानी मेला में कही। उन्होंने कहा कि लोहरदगा जिले के ज्यादातर आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि कार्य से जुड़ी है। यह अच्छा मौका है जब आप किसी भी बाजार तक अपना पहुंच बना सकते हैं और अपने उत्पादों की बेहतर कीमत पा सकते हैं। खेत के मिट्टी की जांच कर उसी के अनुरूप फसल उत्पादन का चयन करें। एक सफल व्यवसायी बनने के लिए आपको निवेश भी करना है। आपको जहां भी जरूरत होगी जिला प्रशासन आपके साथ खड़ी है।
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उप विकास आयुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने कहा कि किसान पेड़ पौधा के साथ-साथ सब्जियां भी उगाएं।वन प्रमंडल पदाधिकारी अभिषेक कुमार ने कहा कि यहां के किसानों को बंजर भूमि पर खेती कर बिरसा हरित ग्राम योजना का लाभ उठाना चाहिए। जिला परिषद अध्यक्ष रीना कुमारी कहा कि बिरसा हरित ग्राम योजना से गांव की दीदियां जुड़ रही हैं। इससे पलायन रुकेगा और रोजगार के अवसर प्राप्त होगा। मेला में जिला कृषि कार्यालय, जिला उद्यान कार्यालय, जेएसएलपीएस, नाबार्ड, प्रदान (एफपीओ), आदित्य हाईटेक नर्सरी सभी प्रखंड कार्यालयों की ओर से कुल 19 स्टॉल लगाए गए थे। इनमें संबंधित विभाग, एनजीओ, नर्सरी द्वारा लोहरदगा जिले में उत्पादित सभी प्रजाति के आम के उत्पाद, अन्य फलों की प्रजातिवार प्रदर्शनी लगाई गई। जहां पर बिक्री भी की गई। उपायुक्त व अतिथियों ने बेहतर उत्पादन करने वाले किसानों और मेला में भाग लेने वाले किसानों को सम्मानित भी किया गया।










