बृज बिहारी प्रसाद हत्याकांड मामले में मुन्ना शुक्ला को राहत नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने उम्रकैद की सजा रखी बरकरार

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May 15, 2025

बृज बिहारी प्रसाद हत्याकांड मामले में मुन्ना शुक्ला को राहत नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने उम्रकैद की सजा रखी बरकरार

पटनाः बिहार सरकार के पूर्व मंत्री बृज बिहारी प्रसाद की हत्या मामले में पूर्व विधायक मुन्ना शुक्ला और मंटू तिवारी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने उम्रकैद की सजा काट रहे मुन्ना शुक्ला को कोई राहत नहीं देते हुए उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने सजा को लेकर दायर पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया।

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1998 में तत्कालीन मंत्री बृज बिहारी प्रसाद की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बृज बिहार प्रसाद उस समय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री थे और इंजीनियरिंग एडमिशन घोटाला मामले में उन्हे गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई थी और उन्हे पटना के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल परिसर में टहलने के दौरान ही उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

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बृज बिहारी प्रसाद की हत्या के बाद इस मामले में बिहार के बाहुबली सूरजभान सिंह और मुन्ना शुक्ला समेत 8 आरोपियों को साल 2009 में निचली अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। फिर साल 2014 में पटना हाईकोर्ट ने सभी को बरी करने का बड़ा फैसला सुनाया था। इसके बाद बृज बिहार प्रसाद की पत्नी पूर्व सांसद रमा देवी और CBI ने आरोपियों को बरी करने का फैसला सुनाए जाने के बाद सबूत इकट्ठे किए थे।इसके बाद आरोपियों को बरी करने के सुप्रीम कोर्ट के 2014 के आदेश को चुनौती दी गई थी। 4 अक्टूबर, 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने इस हत्याकांड में मुन्ना शुक्ला और मंटू तिवारी की उम्र कैद की सजा को बरकरार रखा था। इसी को लेकर अब पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी। हालांकि कोर्ट ने याचिका पर फिर से विचार करने से इनकार कर दिया है। बता दें कि इस हत्या मामले में सूरजभान सिंह और राजन तिवारी सहित अन्य को अदालत ने बरी कर दिया था।

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