माओवादियों ने एनकाउंटर रोककर बातचीत का रखा प्रस्ताव, मुठभेड़ में कई नक्सली हुए ढेर, कई घायल और बीमार

डेस्कः छत्तीसगढ़ के बीजापुर और तेलंगाना के सीमा पर पिछले तीन दिनों से सुरक्षाबलों और नक्सलियों में मुठभेड़ जारी है। एक तरफ सरकार 2025 मार्च तक नक्सल मुक्त देश करने के संकल्प पर आगे बढ़ रही तो दूसरी ओर नक्सली अपने अस्तित्व की अंतिम लड़ाई लड़ रहे है। छत्तीसगढ़, झारखंड तेलंगाना, महाराष्ट्र समेत अन्य जगहों पर नक्सलियों के खिलाफ लगातार सर्च ऑपरेशन चल रहे है और नक्सलियों को ढेर किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ और झारखंड में कई नक्सलियों को मार गिराया गया है और कई नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया है।

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वहीं दूसरी ओर बीजापुर और तेलंगाना के बॉडर पर जारी पिछले तीन दिनों से चल रहे मुठभेड़ के बाद माओवादियों ने एक बार फिर से शांति का प्रस्ताव सरकार के सामने रखा है। उत्तर-पश्चिम सब जोनल कमांडर रूपेश ने पत्र जारी कर सरकार के सामने बातचीत का प्रस्ताव रखा है। उन्होने लिखा है कि वो हमेशा से चाहते है कि समस्या का समाधान शांति से हो इसलिए सुरक्षाबलों द्वारा चलाये जा रहे अभियान को अविलंबर रोका जाए, इसे एक महीने के लिए स्थगित किया जाए।

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लेकिन जो जानकारी नक्सलियों के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान को निकलकर आ रही है वो बता रही है कि अब वो घुटने टेकने की स्थिति में आ गये है। बीजापुर-तेलंगाना बॉडर पर जारी मुठभेड़ के दौरान कई नक्सली मारे गये है और कई बीमार और घायल हो गये है जिनका इलाज संभव नहीं हो पा रहा है इसलिए वो शांति वार्ता का प्रस्ताव रख रहे है। दूसरी ओर नक्सलियों के खिलाफ भीषण गर्मी की वजह से कई सुरक्षाबलों के जवानों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, करीब 40 जवान डिहाइड्रेशन के शिकार हो गये है लेकिन उसकी भरपाई के लिए भारी संख्या में बैकअप तैयार कर लिया गया है।

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