पूर्णिया: देश का सबसे बड़ा सोना लुटेरा सुबोध सिंह को प्रशासनिक दृष्टिकोण से पूर्णिया केन्द्रीय कारा स्थानांतरित कर दिया गया है। सुबोध सिंह के केन्द्रीय कारा पूर्णिया पहुंचते ही सुरक्षा बढ़ा दी गयी है। यहां केन्द्रीय कारा में कैदियों से मिलने के लिए आने जाने वाले लोगों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।पूर्णिया केन्द्रीय कारा के कारा अधीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि प्रशासनिक दृष्टिकोण से सुबोध सिंह को बेऊर से पूर्णिया भेजा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रशासनिक दृष्टिकोण से आने वाले सभी कैदियों के स्पेशल सेल में रखा जाता है।बता दें कि 26 जुलाई 2024 को पूर्णिया के तनिष्क शोरूम लूट की घटना के बाद सुबोध सिंह चर्चा में आया था। इस घटना के वक्त सुबोध सिंह केन्द्रीय कारा बेऊर में बंद था। इस घटना के बाद उसे बंगाल के पुरूलिया कारा भेजा गया था, जहां वह बंगाल के कई मामलों में लंबे समय तक रहा।
पूर्णिया के तनिष्क लूट की घटना को सुबोध सिंह गिरोह द्वारा अंजाम देने की बात पुलिस ने बताई थी। पुलिस आंकड़ों के अनुसार, सुबोध सिंह गिरोह ने सबसे बड़ी सोना लूट की घटना 2023 में धनतेरस के दिन उतराखंड के देहरादून के रिलायंस ज्वेलरी शॉप में अंजाम दिया था।यहां से इस गिरोह ने 20 करोड़ से अधिक के सोने के आभूषणों की लूट की थी। नालंदा के चिश्तीपुर के रंहने वाले सुबोध सिंह ने मैट्रिक तक की शिक्षा उच्च विद्यालय चिश्तीपुर चंडी से हासिल की है। सुबोध सिंह को दानापुर रेलवे स्टेशन पर राजकीय रेल पुलिस ने पहली बार 1999 में आर्म्स एक्ट मामले में गिरफ्तार किया था।
इसके बाद 2003 में बख्तियारपुर पुलिस ने चोरी की मोटरसाइकिल के साथ गिरफ्तार किया था। इसके बाद देश के कई राज्यों में अपने गिरोह के साथ बैंक लूट की घटनाओं को अंजाम देने वाला सुबोध सिंह 2011 में गिरफ्तार हो गया। जेल से पांच वर्षों के बाद बाहर आया तो वह देश का सबसे बड़ा सोना लूट गिरोह का सरगना बन गया।2017 के बाद तो सुबोध सिंह गिरोह ने सोना लूट की झड़ी लगा दी। देश के कई राज्यों में कई प्रतिष्ठित कंपनियों के स्वर्ण आभूषणों की दुकानों के अलावा कई फाइनेंस कंपनियों के ठिकानों से भी बड़ी मात्रा में सोना लूटा।वर्ष 2007 में कलकत्ता के वीआईपी रोड स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक में 19 लाख की लूट मामले में सुबोध सिंह गिरोह का नाम आया था। इस लूट के मामले में 2008 में उसे रांची से गिरफ्तार किया गया।
इसके बाद जमानत पर फिर बाहर आने के बाद इस गिरोह द्वारा 2009 में छत्तीसगढ़ रायपुर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में बीस लाख से अधिक की लूट की घटना को अंजाम दिया गया। फिर इसी वर्ष इसी शहर के सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया और फिर दोबारा स्टेट बैंक इंडिया रायपुर में इस गिरोह द्वारा बैंक लूट की घटना को अंजाम दिया गया।2009 में बंगाल के रायगढ़ आईसीआईसीआई बैंक की शाखा से सुबोध सिंह गिरोह ने 75 लाख की लूट की घटना को अंजाम दिया। लगातार बैंक लूट की घटनाओं में शामिल रहने के बाद सुबोध सिंह वर्ष 2011 में गिरफ्तार कर लिया गया, जिसमें वह पांच वर्षों तक जेल में रहा।
2016 में बाहर आने के बाद बन गया देश का सबसे बड़ा सोना लुटेरा
2016 में जेल से बाहर आने के बाद सुबोध सिंह ने अपने गिरोह के साथ सोना लूट की घटनाओं की झड़ी लगा दी। देश के कई राज्यों जिसमें राजस्थान, महाराष्ट्र, तमिलनायडू, अरूणाचल प्रदेश, छतीसगढ़, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश, बंगाल व बिहार में सोना लूट की घटनाओं को अंजाम दिया।सुबोध सिंह गिरोह द्वारा वर्ष 2016 में महाराष्ट्र के नागपुर में सोना लूट की घटनाओं को अंजाम दिया गया। इसके अलावा 2017 में राजस्थान के जयपुर स्थित ज्वेलरी की दुकान में पांच करोड़ से अधिक के आभूषण की लूट की गयी।इसी वर्ष छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में सोना लूट सहित राजस्थान के मानसरोवर में चार करोड़ के सोने की लूट की घटना को अंजाम दिया गया। 2017 में ही इसी गिरोह द्वारा बंगाल के हीरापुर कलकत्ता के बनियापुर एवं दुर्गापुर में सोने के आभूषण लूट की घटना को अंजाम दिया गया।
इसके अलावा, राजस्थान के जयपुर में करोडों के सोने की लूट की गयी। इसके बाद वर्ष 2019 में हाजीपुर एवं मुजफ्फरपुर मुथुट फाइनेंस में सोने की लूट की घटना में भी इस गिरोह का नाम आया। इसके अलावा 2019 में तमिलनाडु एवं महाराष्ट्र के नासिक में भी इस गिरोह द्वारा सोने की लूट की गयी।वर्ष 2022 में राजस्थान के अलवर, राजस्थान के उदयपुर मध्यप्रदेश के कटनी एवं वर्ष 2020 के अरूणाचल प्रदेश के टीटागढ़ के र्स्वण आभूषण की दुकानों में सुबोध सिंह गिरोह द्वारा सोना लूट की घटना को अंजाम दिया गया।
महाराष्ट्र के सांगली में इसी गिरोह ने लूटा था 10 करोड़ का सोना
महाराष्ट्र के सांगली में रिलांयस ज्वेलरी की दुकान में भी वर्ष 2023 में इसी गिरोह द्वारा 10 करोड़ के सोने की लूट की गयी थी। देहरादून के अलावा महाराष्ट्र के लातूर, मध्य प्रदेश के भोपाल में भी सुबोध सिंह द्वारा सोना लूट की घटना को अंजाम दिया गया था।28 फरवरी 2024 को समस्तीपुर में भी 10 करोड़ के सोना लूट मामले में इसी गिरोह के शामिल होने की बात सामने आई है।


