रांचीःटेंडर आवंटन के बाद कमीशन घोटाला मामले में आरोपित पूर्व मंत्री आलमगीर आलम और उनके ओएसडी रहे संजीव लाल को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत में दोनों की याचिका को स्वीकार करते हुए जमानत की सुविधा प्रदान कर दी है।आलमगीर आलम अब लगभग दो साल जेल में बिताने के बाद बाहर आने वाले हैं।
मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है मामला
इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की एक बेंच ने की, जिसमें जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह शामिल थे। बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने 15 मई, 2024 को एक टेंडर कमीशन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आलमगीर आलम को गिरफ्तार किया था। यह कार्रवाई उनके करीबी सहयोगियों के ठिकानों पर की गई छापेमारी के दौरान 32.20 करोड़ रुपए से अधिक की नकदी बरामद होने के बाद की गई थी।आलमगीर आलम की ओर से कहा गया कि उनकी उम्र ज्यादा है और लगातार करीब दो साल से वह जेल में ही बंद है। ऐसे में उन्हें जमानत की सुविधा मिलनी चाहिए।
ईडी की ओर से कहा गया कि इस मामले में चार गवाहों की गवाही अभी पूरी नहीं हो पाई है, जिसे कोर्ट ने जल्द से जल्द गवाही दर्ज करने का निर्देश दिया था। ऐसे में फिलहाल उन्हें जमानत की सुविधा नहीं प्रदान की जाए। लेकिन अदालत में पूर्व मंत्री आलमगीर आलम और संजीव लाल को जमानत दे दी है।


