रांची: सोमवार को हेमंत सोरेन विधानसभा में बहुमत साबित करेंगे। राज्य के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में वो तीसरी बार बहुमत साबित करने वाले है। हेमंत सोरेन के बहुमत साबित करने को लेकर कोई परेशानी होनी की संभावना नहीं है।
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विधानसभा में बहुमत साबित करने के बाद दोपहर साढ़े तीन बजे राजभवन में कैबिनेट का विस्तार होगा, जिसमें जेएमएम-कांग्रेस और आरजेडी के विधायक मंत्री पद की शपथ लेंगे।संख्या बल के लिहाज से सरकार के लिए यह औपचारिकता भर है. दरअसल, लैंड स्कैम मामले में नियमित जमानत मिलने पर हेमंत सोरेन 28 जून को जेल से बाहर आए. 3 जुलाई को सत्ताधारी दल के विधायक के रूप में चुने जाने के बाद 4 जुलाई को अकेले उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. हालांकि पूर्व में सीएम समेत मंत्रियों के शपथ ग्रहण के लिए 7 जुलाई यानी रथ यात्रा के दिन को चुना गया था, लेकिन कुछ आंतरिक वजहों से 4 जुलाई को ही हेमंत सोरेन ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली थी.
अब चर्चा इस बात की शुरू हो गई है कि कौन-कौन विधायक मंत्री पद की शपथ लेंगे. हेमंत सोरेन के जेल जाने के बाद पूर्व सीएम चंपई सोरेन के कैबिनेट में झामुमो कोटे से मिथिलेश ठाकुर, बसंत सोरेन, दीपक बिरुआ, बेबी देवी और हफीजुल हसन मंत्री बने थे. कांग्रेस कोटे से डॉ रामेश्वर उरांव, आलमगीर आलम, बन्ना गुप्ता और बादल पत्रलेख के अलावा राजद कोटे से सत्यानंद भोक्ता को जगह मिली थी. इसी बीच कैश कांड मामले में आलमगीर आलम की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस कोटे से मंत्री का एक पद खाली है, चर्चा है कि आलमगीर आलम की जगह अल्पसंख्यक कोटे को भरने के लिए इरफान अंसारी को जगह मिल सकती है. हालांकि पोड़ैयाहाट से कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव की भी चर्चा चल रही है.
राजद कोटे से इकलौते विधायक होने की वजह से सत्यानंद भोक्ता का नाम तय है. अब देखना है कि झामुमो कोटे से पूर्व के मंत्रियों को रिपीट करते हुए 12वें मंत्री के रूप में बैद्यनाथ राम को जगह मिलती है या नहीं.




