दिल्लीः चुनाव का पहला चरण अभी संपन्न हुआ नहीं है । नामांकन ही जारी है । प्रचार भी अभी शुरु ही हुआ और ऐसे में टूट गया है जब्ती का रिकॉर्ड । जी हां पूरे देश में जिस तरीके से चुनाव आयोग ने गहन जांच पड़ताल शुरु की है उसका नतीजा ये है कि चुनाव पूर्व ₹4 हजार 650 करोड़ रुपए कैश-मादक पदार्थ जब्त किए जा चुके हैं। चुनाव आयोग ने यह जानकारी साझा की है कि इस बार पिछले लोकसभा चुनाव का रिकॉर्ड भी टूट चुका है । चुनाव आयोग नेकहा कि वह पिछले 75 वर्षों में किसी चुनाव के दौरान नशीली दवाओं और नकदी सहित प्रलोभन की सबसे बड़ी मात्रा को जब्त करने का रिकॉर्ड टूट रहा है। लोकसभा चुनाव के लिए मतदान शुरू होने से पहले ही, इसने ₹4,650 करोड़ जब्त कर लिए हैं, जो 2019 के चुनाव में बरामद की गई राशि से अधिक है। उस समय,यह आंकड़ा ₹3,475 करोड़ का था।
चुनाव आयोग ने एक बयान में कहा कि जब्त किए गए ₹4,650 करोड़ में ₹2,069 करोड़ की अनुमानित दवाएं, ₹395 करोड़ से अधिक नकद और ₹489 करोड़ से अधिक की शराब शामिल हैं। 1 मार्च से, चुनाव आयोग हर दिन ₹100 करोड़ मूल्य का सामान जब्त कर रहा है। जनवरी और फरवरी में कुल बरामदगी में से लगभग 75% नशीली दवाओं की थीं।
चुनाव आयोग ने बयान जारी कर कहा है कि “व्यापक योजना, बड़े पैमाने पर सहयोग और एजेंसियों की ओर से एकीकृत निरोध कार्रवाई, सक्रिय नागरिक भागीदारी और तकनीक की मदद से यह सेजब्ती संभव हुई है।”
चुनाव आयोग ने कहा कि काले धन का उपयोग और अत्यधिक राजनीतिक वित्तपोषण से चुनाव के समान अवसर को समाप्त करता है। झारखंड में भी बड़े पैमाने पर पुलिस ने मादक पदार्थ और कैश ज़ब्त किए हैं । ख़ासतौर से शराब और दूसरी मादक पदार्थों की ज़ब्ती की तादाद ज्यादा है । राजधानी रांची में ही लाखों रुपए ज़ब्त किए जा चुके हैं। चुनाव आयोग ने इस बार कैश, ड्रग्स के इस्तेमाल पर सख्ती की है ।




