हजारीबाग : जेएमएम के 45वें स्थापना दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कल्पना सोरेन ने लोकसभा चुनाव को लेकर अपने चुनावी अभियान की शुरूआत की। सभा को संबोधित करते हुए कल्पना ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर जमकर हमला बोला। उन्होने कहा कि इस चुनाव में जनता तानाशाही शक्तियों को जवाब देगी। इस समारोह में मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन को भी शामिल होना था लेकिन वो इसमें शामिल नहीं हुए। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में शामिल नहीं होने को लेकर अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर जनता के नाम संदेश को जारी करते हुए लिखा कि जोहार हजारीबाग,
कुछ अपरिहार्य कारणों से झारखंड मुक्ति मोर्चा के स्थापना दिवस के इस महत्वपूर्ण मौके पर आपके साथ नहीं हूं, लेकिन वहाँ ना होते हुए भी, हर पल आपके साथ हूँ।
झारखंड राज्य आंदोलन के समय से ही हजारीबाग झामुमो का एक प्रमुख गढ़ रहा है, और आज उस दौर की कई खट्टी-मीठी बातें याद आ रही हैं। इस माटी और यहाँ के लोगों ने हमेशा ही हमारी पार्टी को सहयोग एवं समर्थन दिया है।
पिछले चार वर्षों में हमारी सरकार ने झारखंड के आदिवासियों, मूलवासियों एवं आम लोगों के जीवन स्तर में बदलाव लाने का प्रयास किया है। हमने हर जरूरतमंद परिवार को पेंशन, राशन, कपड़ा तथा अन्य योजनाओं का लाभ दिया है। दो लाख से ज्यादा अबुआ आवास दिए गये हैं, और 20 लाख परिवारों को आवास दिए जाने हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में 80 सीएम स्कुल ऑफ एक्सीलेंस खोले गए हैं, जबकि सवा तीन सौ स्कुल बन रहे हैं। कई डिग्री कॉलेजों का निर्माण किया जा रहा है। प्रदेश की बेटियों को सावित्रीबाई फूले किशोरी समृद्धि योजना से जोड़ा गया है। छात्रवृत्ति की रकम बढ़ाई गई है, तथा आज हमारे राज्य के छात्र विदेशों में पढ़ रहे हैं।
चुनावों के इस दौर में, आप सभी से अनुरोध है कि हर घर तक हमारी सरकार की योजनाओं को पहुंचायें, ताकि जनता भ्रमित ना हो सके।
बहुत जल्द आप सभी से मुलाकात होगी, इसी वादे के साथ…
चंपई सोरेन

वही दूसरी ओर हजारीबाग में सभा को संबोधित करने के बाद कल्पना सोरेन ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करते हुए लिखा कि हजारीबाग में झामुमो के 45वे स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल हुई। झामुमो परिवार का यह स्थापना दिवस हमें याद दिलाता है कि खून-पसीना बहाकर हमारे वीर पुरुखों ने जल-जंगल-जमीन की रक्षा और झारखण्ड अलग राज्य के लिए संघर्ष तथा आंदोलन किया था। आज उन सभी वीर पुरुखों को मैं हेमन्त जी और अपनी ओर से नमन करती हूं।
आदरणीय दिशोम गुरुजी के आदर्शों पर राज्य का हर एक व्यक्ति चला तब जाकर विशाल झामुमो परिवार बना है। आज तपती धूप में भी आप सभी यहां आयोजित कार्यक्रम में आए, इसके लिए सभी को हार्दिक आभार, धन्यवाद और जोहार।
हफ्ते में सिर्फ एक दिन हेमन्त जी मिलना हो पाता है। आज ही उनसे मुलाकात हुई। हेमन्त जी ने सभी वर्गों के लिए जन-कल्याण कार्यों को करने का बीड़ा उठाया, मगर पिछले दो महीनों से तानाशाही ताकतों ने उन्हें – आपके बेटे, आपके भाई, आपके दोस्त हेमन्त जी को आपसे दूर रखा है।
झारखण्ड में पहले भी सरकारें रहीं और अधिकतम समय भाजपा ने ही सरकार चलायी। मगर जब एक आदिवासी और संवेदनशील मुख्यमंत्री ने सरकार चलाना शुरू किया, कोरोना जैसे विकट समय में भी अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की सेवा की तो विपक्ष को परेशानी हो गयी।
आदरणीय दिशोम गुरुजी ने नंगे पांव महाजनों के शोषण के खिलाफ आंदोलन किया था, अलग राज्य के लिए संघर्ष किया था। आदरणीय गुरुजी से वही जज़्बा हेमन्त जी ने भी सीखा है। केंद्र सरकार आज भी वही शोषण हेमन्त जी और झारखण्डवासियों के साथ कर रही है। लेकिन हमारे DNA में है ही नहीं झुक जाना।
आज इस अवसर पर आप सभी से आग्रह है आने वाले चुनावों में झारखण्ड विरोधी तानाशाही ताक़तों को मुँह तोड़ जवाब दें।
झारखण्ड न झुका है, झारखण्ड न ही झुकेगा!
जय झारखण्ड!
~कल्पना मुर्मू सोरेन





