पटना : परबत्ता से जेडीयू विधायक डॉक्टर संजीव ने खुद पर हुए अपहरण के केस को लेकर कहा कि मुझपर फर्जी एफआईआर किया गया है, मेरे भी संज्ञान में आया है। ये हास्यास्पद है , कोई भी बच्चा नहीं है, किसी भी विधायक का अपहरण नहीं हुआ है। जिनके अपहरण का आरोप लगा है उन्होने भी अपनी बाते कह दी है कि मेरा अपहरण नहीं हुआ था। मैने केस करने वाले विधायक सुधांशू शेखर से भी बात की, उन्होने कहा कि मैने किसी के कहने पर एफआईआर किया था। मेरी बढ़ती लोकप्रियता से मेरे ही दल के कुछ नेता को परेशानियां है, उन्ही लोगों ने ये सब किया है, गुमराह किया है। मेरे नेता सिर्फ नीतीश कुमार है, वो मुझे स्नेह देते है इससे इनलोगों को जलन होता है।
जेडीयू विधायकों की नाराजगी को लेकर डॉक्टर संजीव ने कहा कि विधायकों में कुछ कुछ वजहों से नाराजगी थी, मैने भी अपनी नाराजगी बताई है कि कुछ शीर्ष अधिकारी है जो मेरे विधानसभा में कार्य नहीं करना चाहते है, मै उनके विरोध में एक दो बार पहले भी बोल चुका हूं। मै अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं कर सकता, एक ही काम के लिए मै किसी आईएएस अधिकारी के घर और ऑफिस का चक्कर नहीं लगा सकता। जनता ने हमें चुना है काम करने के लिए, आजतक जितना भी मैने अपने विधानसभा क्षेत्र मे काम किया है वो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की वजह से ही हुआ है। वो मेरे पिता तुल्य है, अगर मुझे कुछ गलत लगेगा, पार्टी हीत में होगा तो मै अब भी बोलूंगा, मेरी मुख्यमंत्री से बात हो गई है अब सब मामला खत्म हो गया है। मुझे किसी के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। अगर मै किसी नीति या निर्णय का विरोध करता हूं तो इससे सरकार मजबूत होती है। आगवानी पुल का मद्दा हो , अस्पताल का मद्दा हो या किसानों का मुद्दा मैने ही उठाया था। मुख्यमंत्री के आसपास एक दो चट्े बट्टे ऐसे ही जो अपने आपको स्वंभू नेता समझते है, उनको मेरी लोकप्रियता से परेशानी है। वो नहीं चाहते है कि नया चेहरा पार्टी में चमकें। कल मै वोट करने ही आ रहा था लेकिन मेरे बारे में कन्फ्यूजन फैलाया गया।
मुझपर फर्जी अपहरण केस, विधायकों में कुछ न कुछ नाराजगी, IAS के घर का नहीं लगा सकता चक्कर- JDU विधायक संजीव

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