धीरज साहू से कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने बनाई दूरी, कांग्रेस मीडिया प्रभारी जयराम रमेश बोले साहू ही बताएं कहां से आया इतना कैश
रांची- कांग्रेस सांसद धीरज साहू के बेहिसाब दौलत को लेकर कांग्रेस के अंदर खलबली मची हुई है। जिस तरह से पिछले चार दिनों से धीरज साहू के ठिकानों पर नोटों की गिनती चल रही है और आंकड़ा 300 करोड़ के पार जा चुका है, कांग्रेस इसको लेकर असहज होती दिख रही है। कांग्रेस के तीन टर्म राज्यसभा सांसद धीरज साहू कांग्रेस के लिए संकट पैदा करते नजर आ रहे है तभी उनके साथी सांसद और पार्टी के मीडिया इंचार्ज जयराम रमेश सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर सफाई देते नजर आ रहे है।
जयराम रमेश ने लिखा है कि सांसद धीरज साहू के बिजनेस से कांग्रेस पार्टी का कोई लेना देना नहीं है। सिर्फ वही बता सकते है और उन्हे स्पष्ट भी करना चाहिए कि कैसे आयकर अधिकारियों के द्वारा कथित तौर पर उनके ठिकानों से इतनी बड़ी कैश बरामद किया जा रहा है। जयराम रमेश का ये स्टैंड पार्टी के आलाकमान का मैसेज ही माना जा रहा है। हालांकि पिछले 5 दिनों से धीरज साहू का फोन बंद है किसी भी तरह का कोई भी मैसेज या बयान न तो धीरज साहू की ओर से और न ही किसी तरह का कोई स्टेटमेंट आयकर विभाग की ओर से आया है।
धीरज साहू के ठिकानों पर हुई रिकार्ड कैश बरामदगी ने बीजेपी को कांग्रेस और झारखंड सरकार की घेराबंदी करने का मौका दे दिया है। प्रधानमंत्री से लेकर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सभी इसे कांग्रेस पार्टी से जोड़ने की कोशिश कर रही है। पीएम ने तो कह दिया कि इसके एक एक पाई का हिसाब देना होगा , वही बाबूलाल मरांड़ी और निशिकांत दुबे इसमें कांग्रेस ही हिस्सेदारी की भी बात कह रहे है। झारखंड बीजेपी ने पूरे मामले की जांच ईडी से कराने को लेकर राजभवन के सामने धरना भी दिया।
वही सोशल मीडिया पर बीजेपी के नेता धीरज साहू के पुराने ट्वीट को पोस्ट कर वायरल कर रहे है जिसमें कांग्रेस सांसद ने नोटबंदी पर सवाल उठाया था। 12 अगस्त 2022 को धीरज साहू ने ट्वीट कर लिखा था कि नोटबंदी के बाद भी देश में इतना कालाधन और करप्शन देखकर मन व्यथित हो जाता है। मेरी तो समझ में नहीं आता कि कहां से लोग इतना कालाधन जमा कर लेते है। अगर इस देश में करप्शन को कोई जड़ से खत्म कर सकता है तो वो है कांग्रेस पार्टी।

