दुमका: दुमका रेलवे स्टेशन के डंपिंग साइट पर बुधवार रात लोडर की चपेट में आने से जामा के मजदूर मंतोष खिरहर की मौत हो गई। ताराजोड़ा निवासी मंतोष खिरहर यहां तीन साल से काम कर रहा था। घटना के वक्त उनका बेटा अमितोष कुमार खिरहर भी पास में ही काम कर रहा था, जिसने अपनी आंखों के सामने पिता की मौत को देखा। जानकारी के मुताबिक मंतोष खिरहर बुधवार रात हर दिन की तरह डंपिंग साइट पर काम में जुटा था। उसका पुत्र अमितोष भी उसी स्थल पर कार्यरत था। इसी दौरान साइडिंग पर कोयला हटाने और लोडिंग के काम में लगे लोडर वाहन ने अचानक मंतोष को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर लगते ही मंतोष गंभीर रूप से कुचल गया और मौके पर ही दम तोड़ दिया। कुछ ही दूरी पर मौजूद बेटा अमितोष दौड़कर पिता के पास पहुंचा, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं।पिता को खोने के गम में बेटा बुरी तरह बदहवास हो गया और चीख-पुकार मच गई।
मजदूरों में आक्रोश, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
हादसे की खबर फैलते ही रेलवे साइडिंग पर कार्यरत मजदूरों और स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। पिछले तीन सालों से साथ काम कर रहे साथी की असमय मौत से मजदूर आक्रोशित हो उठे। आक्रोशित लोगों का कहना था कि डंपिंग साइट पर रात के समय भारी मशीनों और वाहनों के संचालन के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन नहीं कराया जाता है, जिससे मजदूरों की जान हमेशा खतरे में बनी रहती है। इधर,घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित मजदूरों को समझा-बुझाकर स्थिति को संभाला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया और पोस्टमार्टम के लिए दुमका सदर अस्पताल भेज दियाl पुलिस मामले की जांच करते हुए लोडर चालक और घटना से जुड़े कारणों की पड़ताल कर रही है।






