डेस्कः जेमिमा रोड्रिग्स ने महिला क्रिकेट की महानतम पारियों में एक खेल, भले ही सात बार के विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को सेमीफाइनल में मात देकर भारत को फाइनल में पहुंचा दिया हो लेकिन धर्म की वजह से उन्हें टारगेट किया जा रहा है । जेमिमा का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वो ईसाई धर्म के एक कार्यक्रम में प्रचारक के इशारे पर बेहोश होती हुई दिख रही है । जेमिमा ने गुरुवार को मैच जीतने के बाद बाइबिल का जिक्र किया जिसे लेकर उसे टारगेट किया जा रहा है ।
जेमिमा रोड्रिग्स ने नवी मुंबई के डीवाई पाटिस स्टेडियम में जीत के बाद कहा अपनी पारी के लिए ईसा मसीह और बाइबिल का जिक्र का क्या सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल किया जाने लगा । उनके पुराने वीडियो निकाले जाने लगे जिसमें वो कथित तौर से खार के जिमखाना क्लब के धार्मिक समारोह में प्रचारक के इशारे पर बेहोश होने का नाटक करती हुई दिख रही है । ये वीडियो पुराना है लेकिन उसे उनके मैच जिताऊ पारी के बाद शेयर कर के ट्रोल किया जा रहा है ।
मुंबई के खार जिम खाना क्लब में हुए इस विवाद के बाद उन्हें क्लब की सदस्यता से हटा दिया गया था । बाद में पता चला कि कुछ ही दिनों बाद खार जिम खाना क्लब का चुनाव होने वाला था जिसकी राजनीति की वजह से जेमिमा रोड्रिग्स को टारगेट किया गया । वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने 2024 में इस मामले में सोशल मीडिया X के जरिए जानकारी भी दी थी ।
Story that caught the eye: friends in Khar Gymkhana tell me the targeting of Indian cricketer Jemimah Rodrigues is PURE POLITICS. Club elections are just days away, she was removed from membership without being given even a proper hearing or notice. ‘Religious conversion’ was… pic.twitter.com/6LkJzuaBw7
— Rajdeep Sardesai (@sardesairajdeep) October 22, 2024
खार जिमखाना क्लब में जेमिमा रोड्रिग्स के पिता के नाम पर बुकिंग और धर्मांतरण के आरोपों को लेकर 2024 में उन्हें टारगेट तो किया गया लेकिन राष्ट्रीय सुर्खियां नहीं बनीं । अब जबकि जेमिमा ने ऐतिहासिक शतक लगाकर भारत को फाइनल तक पहुंचा दिया तब उन्हें टारगेट किया जा रहा है ।
Jemimah said Jesus helped her win cos she couldn’t do it on her own but interestingly Jesus didn’t help Australia.
Bdw her family’s deep in forceful conversion rackets. Just connecting the dots. pic.twitter.com/Yvhi3yRHnI
— Karan Vijay Sharma (@ikaransharma27) October 31, 2025
As Jemimah Rodrigues takes India to finals, here’s her old video from an evangelical event where her father used her for proselytising purposes.
In the video, as the host approaches Jemimah, she acts as if she is possessed and collapses on the ground. pic.twitter.com/IJ739Vplas
— Brutal Truth (@sarkarstix) October 30, 2025
हाांलाकि भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार खिलाड़ी जेमिमा के क्रिकेट करियर को लेकर सात साल पहले ही इंग्लैंड के कप्तान नासिर हुसैन ने भविष्यवाणी कर दी थी एक दिन वो भारतीय क्रिकेट टीम की स्टार होगी ।
Remember the name… Jemimah Rodrigues.. did some throw downs with her today .. she’s going to be a star for India pic.twitter.com/I6VXSYIexb
— Nasser Hussain (@nassercricket) April 18, 2018
ईएसपीएन की वरिष्ठ खेल पत्रकार Zenia D’Cunha लिखती हैं- मुंबई हमेशा से जेमिमा रोड्रिग्स का घरेलू मैदान रहा है। डीवाई पाटिल स्टेडियम हो या बांद्रा की गलियां—यह शहर उनके क्रिकेट और जीवन दोनों का आधार है। जेमिमा भले ही नवी मुंबई में खेलती हैं, लेकिन वे पूरी तरह एक “बांद्रा गर्ल” हैं। बांद्रा में ईसाई परंपरा 16वीं सदी में पहले चर्च के निर्माण से चली आ रही है इसीलिए धर्म के प्रति जेमिमा की आस्था अलग नजर आती है ।
डीवाई पाटिल स्टेडियम की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई बार भावुक होकर परिवार का ज़िक्र किया। उनके पिता इवान रोड्रिग्स, जो तब से उनके कोच हैं जब वह सिर्फ़ सात साल की थीं, रोज़ भांडुप से बांद्रा तक यात्रा करते थे ताकि बेटी को लड़कों के क्लब में बड़ी-बड़ी बैट्स से अभ्यास करा सकें। उनकी मां लविता, जिनके बारे में जेमिमा ने मजाक में कहा कि “उनका काम सबसे कठिन था — मेरे क्रिकेट व्हाइट्स को साफ रखना।” उनके बड़े भाई इनोक और एली, जिनकी बल्लेबाज़ी देखकर जेमिमा ने क्रिकेट का सपना देखा। इन्हीं रिश्तों ने उन्हें हर असफलता, चयन से बाहर होने और सोशल मीडिया ट्रोलिंग के दौर में मज़बूती दी।
जेमिमा उन कुछ भारतीय खिलाड़ियों में से हैं जो अपनी निजी ज़िंदगी के बारे में खुलकर बात करती हैं — चाहे वह संगीत हो, उनका चर्च जीवन हो या उनका ईसाई धर्म। वे अक्सर अपने चर्च के समूहों में भक्ति गीत गाती हैं, बाइबल के उद्धरण साझा करती हैं और अपने विश्वास को जीवन का आधार मानती हैं। हालांकि, कई बार इसके चलते उन्हें सोशल मीडिया पर नफरत और विवादों का सामना भी करना पड़ा — जैसे एक बार उन पर उनके पिता द्वारा धार्मिक परिवर्तन को लेकर झूठे आरोप लगाए गए थे।
लेकिन विश्वास बांद्रा वेस्ट की रगों में बसा है, जहां जेमिमा का बचपन सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल में बीता। वहां की गलियों में बने छोटे-छोटे क्रूस, मदर मेरी के जन्मदिन पर होने वाले सामूहिक उत्सव, क्रिसमस की खुशियां और लेंट के दौरान निकली गंभीर जुलूस — सब कुछ एक साथ मनाया जाता है। यही सामूहिक परंपरा और सामाजिक जुड़ाव जेमिमा जैसी बेटियों को आज के विभाजित होते समाज में भी अपने विश्वास, पहचान और सपनों के साथ मजबूती से खड़े रहने की ताकत देता है।






