- Advertisement -
nashacm1nashacm1
- Advertisement -
nashacmaadnashacmaad
- Advertisement -
krishi vyapar mela 2026

जेमिमा रोड्रिग्स को क्यों किया जा रहा है ट्रोल ? बाइबिल का जिक्र करने पर क्यों हो रही है टारगेट?

Picture of Live Dainik

Live Dainik

October 31, 2025

डेस्कः जेमिमा रोड्रिग्स ने महिला क्रिकेट की महानतम पारियों में एक खेल, भले ही सात बार के विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को सेमीफाइनल में मात देकर भारत को फाइनल में पहुंचा दिया हो लेकिन धर्म की वजह से उन्हें टारगेट किया जा रहा है । जेमिमा का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वो ईसाई धर्म के एक कार्यक्रम में प्रचारक के इशारे पर बेहोश होती हुई दिख रही है । जेमिमा ने गुरुवार को मैच जीतने के बाद बाइबिल का जिक्र किया जिसे लेकर उसे टारगेट किया जा रहा है । 

जेमिमा रोड्रिग्स ने नवी मुंबई के डीवाई पाटिस स्टेडियम में जीत के बाद कहा अपनी पारी के लिए ईसा मसीह और बाइबिल का जिक्र का क्या सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल किया जाने लगा । उनके पुराने वीडियो निकाले जाने लगे जिसमें वो कथित तौर से खार के जिमखाना क्लब के धार्मिक समारोह में प्रचारक के इशारे पर बेहोश होने का नाटक करती हुई दिख रही है । ये वीडियो पुराना है लेकिन उसे उनके मैच जिताऊ पारी के बाद शेयर कर के ट्रोल किया जा रहा है । 

jemimah with her father

मुंबई के खार जिम खाना क्लब में हुए इस विवाद के बाद उन्हें क्लब की सदस्यता से हटा दिया गया था । बाद में पता चला कि कुछ ही दिनों बाद खार जिम खाना क्लब का चुनाव होने वाला था जिसकी राजनीति की वजह से जेमिमा रोड्रिग्स को टारगेट किया गया । वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने 2024 में इस मामले में सोशल मीडिया X के जरिए जानकारी भी दी थी ।

खार जिमखाना क्लब में जेमिमा रोड्रिग्स के पिता के नाम पर बुकिंग और धर्मांतरण के आरोपों को लेकर  2024 में उन्हें टारगेट तो किया गया लेकिन राष्ट्रीय सुर्खियां नहीं बनीं । अब जबकि जेमिमा ने ऐतिहासिक शतक लगाकर भारत को फाइनल तक पहुंचा दिया तब उन्हें टारगेट किया जा रहा है ।

See also  परीक्षा के डर से गायब हो गई बच्ची, ढूंढती रही झारखंड पुलिस, पलंग के नीचे मिली किशोरी

 

हाांलाकि भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार खिलाड़ी जेमिमा के क्रिकेट करियर को लेकर सात साल पहले ही इंग्लैंड के कप्तान नासिर हुसैन ने भविष्यवाणी कर दी थी एक दिन वो भारतीय क्रिकेट टीम की स्टार होगी ।

khar gym

ईएसपीएन की वरिष्ठ खेल पत्रकार Zenia D’Cunha लिखती हैं- मुंबई हमेशा से जेमिमा रोड्रिग्स का घरेलू मैदान रहा है। डीवाई पाटिल स्टेडियम हो या बांद्रा की गलियां—यह शहर उनके क्रिकेट और जीवन दोनों का आधार है। जेमिमा भले ही नवी मुंबई में खेलती हैं, लेकिन वे पूरी तरह एक “बांद्रा गर्ल” हैं। बांद्रा में ईसाई परंपरा 16वीं सदी में पहले चर्च के निर्माण से चली आ रही है इसीलिए धर्म के प्रति जेमिमा की आस्था अलग नजर आती है ।

See also  पोस्टल बैलेट एक्सचेंज सेंटर से फॉर्म-12 एवं 12 डी का हुआ आदान-प्रदान, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी रहे मौजूद

डीवाई पाटिल स्टेडियम की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई बार भावुक होकर  परिवार का  ज़िक्र किया। उनके पिता इवान रोड्रिग्स, जो तब से उनके कोच हैं जब वह सिर्फ़ सात साल की थीं, रोज़ भांडुप से बांद्रा तक यात्रा करते थे ताकि बेटी को लड़कों के क्लब में बड़ी-बड़ी बैट्स से अभ्यास करा सकें। उनकी मां लविता, जिनके बारे में जेमिमा ने मजाक में कहा कि “उनका काम सबसे कठिन था — मेरे क्रिकेट व्हाइट्स को साफ रखना।” उनके बड़े भाई इनोक और एली, जिनकी बल्लेबाज़ी देखकर जेमिमा ने क्रिकेट का सपना देखा। इन्हीं रिश्तों ने उन्हें हर असफलता, चयन से बाहर होने और सोशल मीडिया ट्रोलिंग के दौर में मज़बूती दी।

जेमिमा उन कुछ भारतीय खिलाड़ियों में से हैं जो अपनी निजी ज़िंदगी के बारे में खुलकर बात करती हैं — चाहे वह संगीत हो, उनका चर्च जीवन हो या उनका ईसाई धर्म। वे अक्सर अपने चर्च के समूहों में भक्ति गीत गाती हैं, बाइबल के उद्धरण साझा करती हैं और अपने विश्वास को जीवन का आधार मानती हैं। हालांकि, कई बार इसके चलते उन्हें सोशल मीडिया पर नफरत और विवादों का सामना भी करना पड़ा — जैसे एक बार उन पर उनके पिता द्वारा धार्मिक परिवर्तन को लेकर झूठे आरोप लगाए गए थे।

See also  चुनाव के दौरान शराब और मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए सख्त निर्देश, मुख्य चुनाव अधिकारी के रवि कुमार ने की समीक्षा

लेकिन विश्वास बांद्रा वेस्ट की रगों में बसा है, जहां जेमिमा का बचपन सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल में बीता। वहां की गलियों में बने छोटे-छोटे क्रूस, मदर मेरी के जन्मदिन पर होने वाले सामूहिक उत्सव, क्रिसमस की खुशियां और लेंट के दौरान निकली गंभीर जुलूस — सब कुछ एक साथ मनाया जाता है। यही सामूहिक परंपरा और सामाजिक जुड़ाव जेमिमा जैसी बेटियों को आज के विभाजित होते समाज में भी अपने विश्वास, पहचान और सपनों के साथ मजबूती से खड़े रहने की ताकत देता है।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Trending Now