पटनाः फरवरी 2024 में नीतीश सरकार के विश्वास मत प्रस्ताव के दौरान विधायकों को प्रलोभन देने के मामले में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने पूर्व मंत्री एवं राजद नेता बीमा भारती से चार घंटे पूछताछ की। परबत्ता के जदयू विधायक डॉ. संजीव समेत तीन को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया गया है। ईओयू से मिली जानकारी के मुताबिक नोटिस जारी कर डॉ. संजीव को अगस्त के पहले हफ्ते में पूछताछ के लिए बुलाया है। इस दौरान अनुसंधान के क्रम में आये तथ्यों के संदर्भ में उनका बयान दर्ज किया जाएगा। डॉ. संजीव के अलावा पश्चिम चंपारण नरकटियागंज के फजले हक अंसारी और मनेर के मोनू कुमार को भी नोटिस जारी किया गया है।
बुधवार को पूर्व मंत्री बीमा भारती से आर्थिक अपराध इकाई कार्यालय में पूछताछ की गई। यह पूछताछ करीब चार घंटे चली। इस दौरान बीमा भारती से अविश्वास प्रस्ताव के दिन उनके लोकेशन को लेकर भी सवाल हुए। पूर्व मंत्री ने बताया कि वे पश्चिम बंगाल माता के दर्शन करने गई थी। हालांकि जब उनकी झारखंड में उपस्थिति के साक्ष्य दिखाए गए तो वे परेशान हो गईं। बीमा भारती ने कई सवालों के जवाब दिये, जबकि कई सवालों के जवाब टाल गईं। पूछताछ के बाद ईओयू कार्यालय से बाहर निकलने पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि हर एक सवाल का जवाब दिया है।
शादी के 4 दिन बाद ही क्रूरता, पत्नी के मुंह में गुटखा थूका, बनाया अप्राकृतिक संबंध
बीमा भारती ने कहा कि मैं गलत नहीं हूं, मुझे फंसाया गया है। साजिश के तहत झूठा मुकदमा किया गया है। सरकार को अस्थिर करने का काम मैंने नहीं किया। बीमा भारती दूसरी नोटिस पर ईओयू कार्यालय में हाजिरी हुई थी। उन्होंने कहा कि पहली नोटिस की जानकारी उनको नहीं मिल सकी थी। इस मामले में वैशाली के ई सुनील से भी ईओयू ने पूछताछ की है।
मालूम हो कि हरलाखी के जदयू विधायक सुधांशु शेखर के बयान पर पटना को कोतवाली थाने में फरवरी 2024 को यह मामला दर्ज हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए बाद में यह केस ईओयू को ट्रांसफर कर दिया गया।
भारतीय किसानों को बर्बाद करना चाहता है अमेरिका, आखिर क्यों पटरी से उतर गई ट्रेड डील? समझिए
पटना में छापेमारी करने गई पुलिस टीम पर हमला, महिला दारोगा समेत 5 पुलिसकर्मी घायल




