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कौन हैं अजीत भारती, चीफ जस्टिस बीआर गवई को लेकर क्या कहा कि मच गया हंगामा?

Ajeet_Bharti

डेस्कः उत्तर प्रदेश के नोएडा पुलिस ने कंटेंट क्रिएटर और यूट्यूबर अजीत भारती से पूछताछ की। यह पूछताछ भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) बीआर गवई पर उनके सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियों को लेकर की गई। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में एक वकील द्वारा सीजेआई पर जूता फेंकने के प्रयास की घटना से जुड़ी थी। पुलिस ने हालांकि साफ-साफ कहा है कि अजीत भारती को गिरफ्तार नहीं किया गया था, बल्कि केवल पूछताछ के लिए बुलाया गया था।

अजीत भारती को पहले सेक्टर-58 थाने ले जाया गया और बाद में डीसीपी कार्यालय (12/22 आउटपोस्ट) में पूछताछ की गई। लगभग तीन घंटे की पूछताछ के बाद शाम करीब 4:30 बजे उन्हें रिहा कर दिया गया। नोएडा पुलिस के एडीसीपी सुमित शुक्ला ने गिरफ्तारी की अफवाहों का खंडन किया। अजीत भारती ने भी पूछताछ के बाद एक्स पर पोस्ट कर कहा, “मैं ठीक हूं। न तो गिरफ्तारी हुई है और न ही हिरासत में हूं।”

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कौन हैं अजीत भारती?

बिहार के बेगूसराय के रहने वाले अजीत भारती एक स्वतंत्र पत्रकार, लेखक और सोशल मीडिया क्रिएटर हैं। वे राजनीतिक, सामाजिक, न्यायिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर वीडियो, कमेंट्री और व्यंग्यपूर्ण कंटेंट के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने मुख्यधारा के मीडिया हाउस में काम किया है, लेकिन बाद में अपना मीडिया ब्रांड ‘एबी4के मीडिया’ शुरू किया। उनकी वेबसाइट के अनुसार, “अजीत भारती भारतीय वैकल्पिक मीडिया में एक जाना-माना नाम हैं। वे कभी भी सरकार, न्यायपालिका या मीडिया पर सवाल उठाने या हमला करने से नहीं हिचकिचाते।”

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अजीत भारती ‘रोस्ट’ वीडियो भी बनाते हैं, जो उनकी राजनीतिक और सामाजिक व्यंग्य शैली को दर्शाते हैं। उनकी न्यायपालिका पर टिप्पणियों के कारण उन्हें दो बार अवमानना कार्यवाही का सामना करना पड़ा, लेकिन वे निर्भीक बने रहे।

उन्होंने कई किताबें भी लिखी हैं। किताबों में ‘बकर पुराण’, ‘घर वापसी’, ‘देयर विल बी नो लव’ और ‘जो भी कहूंगा सच कहूंगा’ शामिल हैं। सोशल मीडिया पर उनकी मजबूत पकड़ है । एक्स पर लगभग 5 लाख फॉलोअर्स और यूट्यूब पर 7 लाख से अधिक सब्सक्राइबर्स हैं। वे दक्षिणपंथी विचारधारा के समर्थक माने जाते हैं और पहले भी कांग्रेस नेता राहुल गांधी जैसे मुद्दों पर विवादास्पद टिप्पणियों के कारण चर्चा में रहे।

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सीजेआई पर क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई पर हाल में जूता फेकने की घटना के कुछ घंटों बाद अजीत भारती ने एक्स और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने सीजेआई गवई का मजाक उड़ाया। कैप्शन में लिखा, “गवई एक घटिया और अयोग्य जज हैं। उन्हें अदालत की अवमानना का मामला झेलना चाहिए।” वीडियो में उन्होंने कहा, “हाल ही में उनकी जूतों की फोटो देखकर ‘जूते और चीफ जस्टिस’ पर वीडियो बनाना चाहता था, लेकिन किसी कारण से नहीं बना सका। लगता है ‘जूते’ तो उनसे चिपक ही गए”

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यह विवाद 16 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में एक सुनवाई से जुड़ा है, जहां सीजेआई गवई ने मध्य प्रदेश के खजुराहो में भगवान विष्णु की क्षत-विकृत मूर्ति को बहाल करने की याचिका खारिज कर दी थी। उन्होंने कहा था कि साइट पुरातात्विक स्मारक है और बदलाव के लिए एएसआई की मंजूरी जरूरी है। कुछ लोगों ने इसे “सनातन धर्म का अपमान” माना।

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मिशन अंबेडकर के संस्थापक और कार्यकर्ता सूरज कुमार बौद्ध ने अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरामणी को पत्र लिखकर भारती और एक धार्मिक वक्ता के खिलाफ आपराधिक अवमानना कार्यवाही की अनुमति मांगी। पत्र में कहा गया, “ये बयान और कार्रवाइयां मुख्य न्यायाधीश और अन्य जजों के खिलाफ हिंसा भड़काने का उद्देश्य रखते हैं। ऐसे उकसावे का स्वर और लहजा बेहद खतरनाक है और ये पोस्ट वायरल होकर बहस और तनाव बढ़ा रहे हैं।”

इस घटना की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित कई लोगों ने निंदा की। बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने आरोपी वकील राकेश किशोर का लाइसेंस तत्काल निलंबित कर दिया। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने भारती के समर्थन में पोस्ट किए, जबकि अन्य ने उनकी गिरफ्तारी की मांग की। नोएडा पुलिस ने कहा कि जांच जारी है, लेकिन अभी कोई औपचारिक आरोप नहीं लगाया गया। यह मामला सोशल मीडिया के दुरुपयोग और संवैधानिक पदों पर टिप्पणियों के बीच संतुलन की बहस को जन्म दे रहा है।

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