डेस्कः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया साइट ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट शेयर किया है। ट्रंप ने पोस्ट शेयर करके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है। इस पोस्ट में ट्रंप की आधिकारिक तस्वीर के साथ लिखा है कि वे वर्तमान से वेनेजुएला का ‘एक्टिंग प्रेसिडेंट’ हैं। साथ ही, उन्होंने खुद को अमेरिका के 45वें और 47वें राष्ट्रपति के रूप में भी प्रस्तुत किया। बता दें, अमेरिकी राष्ट्रपति ने 20 जनवरी 2025 को कार्यभार संभाला था।

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हाथ में हथकड़ी डाल लाया गया अमेरिका, 150 विमान के साथ 30 मिनट तक चला ऑपरेशन
जानकारी के मुताबिक इस साल जनवरी महीने की शुरुआत में, अमेरिका ने वेनेजुएला पर ‘बड़े पैमाने पर’ हमला किया। इस हमले में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पत्नी सिलिया फ्लोरेस के साथ पकड़ा गया। इसके बाद दोनों को न्यूयॉर्क ले जाया गया, जहां उन पर नार्को-टेररिज्म साजिश के आरोप लगाए गए।
वेनेजुएला की नेता मारिया कोरीना माचाडो को मिला 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार, ट्रंप को मांगने पर भी नहीं मिला नोबेल
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि अमेरिका ‘वेनेज़ुएला को तब तक चलाएगा’ जब तक हम एक सुरक्षित, सही और समझदारी भरा बदलाव नहीं कर लेते। हम यह रिस्क नहीं ले सकते कि कोई और वेनेज़ुएला पर कब्जा कर ले, जिसे वेनेज़ुएला के लोगों का फायदा याद न हो। वेनेज़ुएला के उपराष्ट्रपति और तेल मंत्री डेल्सी रोड्रिगेज ने पिछले हफ्ते देश के अंतरिम राष्ट्रपति के तौर पर औपचारिक रूप से शपथ ली थी। इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि वेनेजुएला में अंतरिम अधिकारी अमेरिका को 30 से 50 मिलियन बैरल ‘हाई-क्वालिटी, सैंक्शन्ड तेल’ देंगे, जिसे उसके मार्केट दाम पर बेचा जाएगा।
वेनेजुएला पर अमेरिका का हमला, रक्षा मंत्री के घर और मिलिट्री बेस को बनाया निशाना, राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने देश में घोषित की इमरजेंसी
उन्होंने कहा कि उस पैसे को मैं, यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका के राष्ट्रपति के तौर पर कंट्रोल करुंगा, ताकि यह पक्का हो सके कि इसका इस्तेमाल वेनेज़ुएला और यूनाइटेड स्टेट्स के लोगों के फायदे के लिए हो! मैंने एनर्जी सेक्रेटरी क्रिस राइट से इस प्लान को तुरंत लागू करने को कहा है। इसे स्टोरेज शिप से ले जाया जाएगा और सीधे यूनाइटेड स्टेट्स में अनलोडिंग डॉक पर लाया जाएगा। बता दें, वेनेजुएला का तेल उद्योग दशकों से वैश्विक ऊर्जा बाजार में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडारों में से एक होने के बावजूद, देश का तेल उत्पादन और निर्यात विभिन्न आर्थिक और राजनीतिक चुनौतियों के कारण प्रभावित हुआ है। इस स्थिति ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है।












